नई दिल्ली, 01 सितम्बर (हि.स.)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की दो दिवसीय श्रीलंका यात्रा से पहले भारतीय नौसेना का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित निर्देशित मिसाइल विध्वंसक आईएनएस दिल्ली कोलंबो पहुंच गया है। रक्षा मंत्री 02-03 सितंबर को श्रीलंका की यात्रा पर रहेंगे। वह 02 सितंबर को आईएनएस दिल्ली पर श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के साथ-साथ अन्य प्रमुख गण्यमान्य व्यक्तियों की मेजबानी करेंगे।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस यात्रा के दौरान श्रीलंका के राष्ट्रपति एवं रक्षा मंत्री रानिल विक्रमसिंघे और प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने के साथ बातचीत करेंगे। रक्षा मंत्री मध्य श्रीलंका स्थित नुवारा एलिया और देश के पूर्वी हिस्से में स्थित त्रिंकोमाली का भी दौरा करेंगे। रक्षा मंत्री मित्र देशों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा आपूर्ति प्रदान करने के लिए भारत की 'आरोग्य मैत्री' पहल के हिस्से के रूप में चिकित्सा सामग्री सौंपेंगे, जिन्हें भीष्म परियोजना के तहत स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है।
नौसेना के कमांडर विवेक मधवाल के मुताबिक जहाज की यात्रा का उद्देश्य नौसेना-से-नौसेना संबंधों को मजबूत करना और भारत के भरोसेमंद पड़ोसी के साथ दोस्ती के रिश्तों को मजबूत करना है। आईएनएस दिल्ली का चालक दल इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने के लिए श्रीलंका नौसेना के कर्मियों के साथ निकटता से बातचीत करेगा। यह जहाज स्कूली बच्चों और अन्य स्थानीय आगंतुकों के लिए भी खुला रहेगा। भारतीय दल भी आईपीकेएफ स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करके शहीदों को श्रद्धांजलि देगा। कोलंबो पहुंचने पर आईएनएस दिल्ली के कमांडिंग ऑफिसर ने श्रीलंका नौसेना के पश्चिमी नौसेना क्षेत्र के कमांडर रियर एडमिरल सुरेश डी सिल्वा से शिष्टाचार मुलाकात की।
रक्षा मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि इन बैठकों के दौरान श्रीलंका के साथ भारत के रक्षा संबंधों के समस्त पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। राजनाथ सिंह की यह यात्रा श्रीलंका के साथ मौजूदा सौहार्द्रपूर्ण एवं मैत्रीपूर्ण संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराएगी। यह दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
आईएनएस दिल्ली को नवंबर, 1997 में कमीशन किया गया था और वर्तमान में इसकी कमान कैप्टन अभिषेक कुमार के पास है। जहाज का हाल ही में मिड-लाइफ अपग्रेड किया गया है और यह नवीनतम हथियारों और सेंसर से लैस है, जो इसे एक दुर्जेय प्लेटफॉर्म बनाता है। यह जहाज सतह, वायु और पानी के नीचे डोमेन पर समुद्री संचालन के सभी पहलुओं को करने में सक्षम है।
