ऊना, 22 जनवरी । लिंग आधारित हिंसा के विरुद्ध चलाए जा रहे ‘नई चेतना’ अभियान के तहत विकास खंड हरोली में गुरुवार को महिलाओं के अधिकारों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसडीएम हरोली विशाल शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि लैंगिक समानता से ही एक सशक्त, समावेशी और विकसित समाज का निर्माण संभव है।
यह कार्यक्रम दीन दयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत यूनाइटेड स्ंकुल स्तरीय संगठन, विकास खंड हरोली के सहयोग से पालकवाह ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने नुक्कड़ नाटक तथा गीत-संगीत के माध्यम से महिलाओं पर होने वाली हिंसा, लैंगिक असमानता एवं कानूनी अधिकारों को लेकर प्रभावशाली जागरूकता संदेश दिया।
इस अवसर पर अपने संबोधन में एसडीएम विशाल शर्मा ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की समान भागीदारी के बिना वास्तविक सामाजिक प्रगति संभव नहीं है। उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा, महिलाओं को समान अवसर एवं अधिकार प्रदान करने तथा लैंगिक भेदभाव को समाप्त करने पर विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान महिलाओं और पुरुषों को समान अधिकार प्रदान करता है। इसलिए आवश्यक है कि समाज का प्रत्येक वर्ग महिलाओं के अधिकारों के प्रति जागरूक बने, ताकि महिलाएं अपने अधिकारों की पहचान कर आत्मनिर्भर एवं सशक्त बन सकें।
इस अवसर पर एनआरएलएम की डीपीएम ज्योति शर्मा ने स्वयं सहायता समूहों की विभिन्न योजनाओं एवं गतिविधियों की जानकारी दी, जबकि एएसआई सुरेंद्र कुमार ने महिलाओं की सुरक्षा एवं उनके कानूनी अधिकारों से संबंधित प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी साझा की।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित महिलाओं एवं पुरुषों ने लैंगिक समानता के समर्थन में शपथ ली तथा इसके उपरांत महिलाओं ने जागरूकता रैली भी निकाली।
