भोपाल, 22 जनवरी । मध्य प्रदेश में राशन व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए ‘मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम’ शुरू किया गया है, जिसके तहत 26 जनवरी को ग्राम सभाओं में हितग्राहियों और राशन वितरण की जानकारी का वाचन किया जाएगा।
प्रदेश के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने गुरुवार को बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 अंतर्गत सम्मिलित पात्र हितग्राहियों को राशन सामग्री के प्रति जागरूक करने तथा राशन वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से 'मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरुकता कार्यक्रम' प्रारंभ किया गया है। इसमें गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित जानकारियों का वाचन उचित मूल्य दुकान के विक्रेता (पृथक विक्रेता विहीन उचित मूल्य दुकान की ग्राम पंचायतों में समिति प्रबंधक) द्वारा किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि ग्राम सभा में 'प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना' अंतर्गत राशन प्राप्त करने वाले पात्र परिवार/हितग्राहियों के नाम, पात्र परिवारों को वितरित राशन सामग्री की मांग, ईकेवायसी से शेष प्रतीक्षारत हितग्राहियों के नाम और वर्तमान में सम्मिलित हितग्राहियों में से ईकेवायसी न कराने वाले हितग्राहियों के नाम बताये जायेंगे। साथ ही वर्तमान में सम्मिलित हितग्राहियों में से मृत एवं स्थाई रूप से पलायन करने वाले हितग्राहियों का चिन्हांकन भी किया जायेगा।
मंत्री राजपूत ने बताया कि मुख्यमंत्री अन्न सेवा आगरुकता कार्यक्रम के अंतर्गत उचित मूल्य दुकानों से जुड़े हुए पात्र हितग्राही एवं उनको वितरित खाद्यान्न मात्रा की जानकारी जनसमुदाय को देने के लिए 2 अक्टूबर एवं 26 जनवरी को आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में उचित मूल्य दुकान के विक्रेताओं द्वारा पात्र हितग्राहियों एवं वितरित सामग्री का विवरण के वाचन का प्रावधान किया गया है।
खाद्य मंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस पर आयोजित ग्राम सभाओं में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित जानकारी के वाचन तथा सदस्यों द्वारा उठाए गए बिन्दुओं का उल्लेख कार्यवाही विवरण में कर, जानकारी निर्धारित प्रपत्र में 10 फरवरी 2026 तक संचालनालय खाद्य को भेजने के निर्देश भी दिये गए हैं।
