रसायन और उर्वरक मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा है कि सरकार जल्द ही औषधि क्षेत्र के लिए पांच हजार करोड़ रुपये के कुल परिव्यय के साथ एक नई योजना शुरू करेगी। इस योजना का उद्देश्य औषधि क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को प्रोत्साहन देना है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले महीने वर्ष 2023-24 से 2027-28 तक पांच वर्ष की अवधि के लिए इस योजना को स्वीकृति दी थी। डॉक्टर मांडविया ने कहा कि सरकार का लक्ष्य औषधि उद्योग का विकास, दवाओं के विनिर्माण और अनुसंधान तथा नवाचार को प्रोत्साहन देना है। उन्होंने बताया कि सरकार ने एक-एक हजार करोड़ रुपये की लागत से तीन विशाल औषधि पार्क स्थापित करने का निर्णय लिया है। ये पार्क गुजरात, हिमाचल प्रदेश और आंध्र प्रदेश में स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा देश में चिकित्सा उपकरणों के विनिर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और मध्य प्रदेश में चार चिकित्सा उपकरण पार्क भी स्थापित किए जा रहे हैं।
