लाल रंग और लाल डायरी से डरते है गहलोत, क्योंकि भीतर छिपा है काले कारनामों का राज : अमित शाह | The Voice TV

Quote :

"मेहनत का कोई विकल्प नहीं, बस मजबूत इरादों के साथ आगे बढ़ते रहो।"

National

लाल रंग और लाल डायरी से डरते है गहलोत, क्योंकि भीतर छिपा है काले कारनामों का राज : अमित शाह

Date : 26-Aug-2023

 केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को गंगापुर सिटी की धरती से लाल डायरी का जिक्र छेड़कर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर एक बार फिर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आजकल गहलोत साहब लाल रंग और लाल डायरी से बहुत डरते हैं क्योंकि लाल डायरी के अंदर काले कारनामे छिपे हुए हैं। अरबों-करोड़ों रुपये के काले कारोबार का काला चिट्ठा लाल डायरी में है। शाह शनिवार को गंगापुर सिटी में सहकार किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन में शाह ने चंद्रयान की सफलता और सहकार मंत्रालय समेत मोदी सरकार की ओर से किसान हितों में किए गए कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद समग्र देश में एक नयी ऊर्जा का संचार हुआ है।

सभा में सरकार विरोधी नारेबाजी को लेकर सीएम गहलोत पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि मैं गहलोत साहब को कहने आया हूं, ये चंद लोग भेजकर नारे लगाने से कुछ नहीं होता है। जरा भी शर्म बची है तो लाल डायरी के मुद्दे पर इस्तीफा देकर चुनाव मैदान में आइए और हो जाए दो-दो हाथ। उन्होंने टोंकते हुए कहा कि अभी जो लाेग नारे लगा रहे थे, नारे लगाने की बजाय चंद्रयान को बढ़ाया होता और सहकार मंत्रालय बनाया होता तो ये नारे नहीं लगाने पड़ते। अमित शाह ने कहा कि मैं आ रहा था तो एक किसान ने कहा कि हमारे यहां बिजली नहीं मिलती है। इसके विपरीत बिजली खरीद में धांधली हो रही है। गहलोत साहब को बिजली खरीदी में अधिक रुचि है। सम्मेलन में सहकार समितियों को लेकर लिखी किताब का विमोचन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया।

शाह ने राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी की जीत और केन्द्र में फिर से मोदी सरकार बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि राजस्थान ने 2014 और 2019 दोनों लोकसभा चुनावों में सभी सीटें मोदी की झोली में डाली थी। 2024 में भी जनता फिर से सभी सीटों पर भाजपा को जिताएगी। इसके साथ ही जनता लोकसभा चुनाव से पहले होने वाले 2023 के विधानसभा चुनाव में सत्ता परिवर्तन के लिए भी तैयार है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के किसानों की दशकों पुरानी मांग को पूरा करते हुए देश में अलग सहकारिता मंत्रालय का गठन किया। प्रधानमंत्री बनने के बाद से मोदी देश में कई अभूतपूर्व काम कर रहे हैं। अलग सहकारिता मंत्रालय का गठन और हाल ही में हमारा चंद्रयान चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफलतापूर्वक उतरना बड़ी उपलब्धि है। चंद्रयान-3 मिशन की सफलता से पूरे देश में नई ऊर्जा और विश्वास का संचार हुआ है क्योंकि दुनिया का कोई देश आज तक वहां नहीं पहुंच सका था। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के स्पेस मिशन को नई गति और ऊर्जा दी, जिससे आज भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला पहला देश बन गया है और ये पूरे देश के लिए गौरव का विषय है।

उन्होंने कहा कि केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने देशभर के किसानों के हित के लिए कई योजनाएं चलाई हैं। पीएम मोदी देश के हर किसान को छह हजार रुपये दे रहे हैं। इसके अलावा कई सारे कृषि ऋण और फसल बीमा के काम भी किए हैं। पिछली सरकार के समय कृषि का बजट बाइस हजार करोड़ था, जिसे मोदी ने छह गुना बढ़ाकर एक लाख पच्चीस हजार करोड़ कर दिया है। पहले किसानों को सात लाख करोड़ रुपये का ऋण दिया गया था, जिसे बढ़ाकर बीस लाख करोड़ तक पहुंचा दिया है। देश में खाद्यान्न उत्पादन 265 मिलियन टन था, जो अब बढ़कर 323 मिलियन टन तक पहुंच गया है। गेहूं की खरीदी 251 लाख मीट्रिक टन थी, जिसे बढ़ाकर 433 लाख मीट्रिक टन कर दिया है। साथ ही, गेहूं की एमएसपी चौदह सौ रुपये से बढ़ाकर इक्कीस सौ रुपये करने का काम नरेन्द्र मोदी सरकार ने किया है। सरसों की एमएसपी 3050 रुपये थी, इसे बढ़ाकर 5400 रुपये करने का काम मोदी सरकार ने किया है।

शाह ने कहा कि देश में प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसायटी (पैक्स) को मजबूत करने के लिए पीएम मोदी 20 से अधिक योजनाएं लेकर आए हैं। आज इफ्को 3500 से ज्यादा सहकारी सोसायटियों के माध्यम से देश में सहकारिता को मज़बूत बनाने का काम कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने तय किया है कि देश में दो लाख नए पैक्स बनाकर हर पंचायत में पैक्स को पहुंचाया जाएगा। किसानों को अच्छा बीज मिले, वे अपनी उपज का निर्यात कर सकें और प्राकृतिक खेती करने वाले किसान आगे बढ़ सकें, इसके लिए तीन नई को-ऑपरेटिव सोसायटियों की स्थापना की गई है। पीएम मोदी ने देशभर के किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 6000 रुपये भेजकर एक किसान मित्र का काम किया है।

संबोधन के अंत में उन्होंने दोबारा लाल डायरी का जिक्र करते हुए कहा कि घर में कोई लाल डायरी हो तो उसका कलर लाल मत रखना वरना गहलोत जी नाराज हो जाएंगे।

सहकार किसान सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और इफ्को के अध्यक्ष दिलीप संघानी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload
Advertisement









Advertisement