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रैगिंग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री यज्ञवालक्य समेत दर्जनों गिरफ्तार

Date : 25-Aug-2023

 जादवपुार विश्वविद्यालय में बांग्ला विभाग के प्रथम वर्ष के छात्र स्वप्नदीप कुंडू की रैगिंग की वजह से हुई मौत के खिलाफ शुक्रवार को विश्वविद्यालय के पास अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के प्रदर्शन में शामिल हुए संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री यज्ञवल्क्य शुक्ला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही संगठन के राष्ट्रीय मंत्री बिराज विश्वास सहित सौ से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है। प्रदर्शन का जो वीडियो सामने आया है उसमें देखा जा सकता है कि पुलिस एबीवीपी कार्यकर्ताओं को घसीटते हुए पुलिस वाहन में डाल रही है।

रैगिंग के खिलाफ एबीवीपी की ओर से शुक्रवार अपराह्न गोल पार्क से जादवपुर 8बी बस स्टैंड तक रैली निकाली गई थी। हालांकि रास्ते में ही पुलिस ने बैरिकेडिंग कर इनका रास्ता रोक दिया। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से हाथापाई शुरू हो गई और लाठीचार्ज शुरू हो गया। जादवपुर थाने के पास मोड़ पर काफी देर के हंगामा के बाद पुलिस ने चुन-चुनकर एबीवीपी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। संगठन ने आरोप लगाया है कि कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने से पहले पुलिस ने उनके साथ बर्बर तरीके से मारपीट की।

एबीवीपी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि प्रदर्शन के माध्यम से न्याय की मांग कर रहे अभाविप कार्यकर्ताओं के साथ पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा अत्यंत बर्बरतापूर्वक व्यवहार किया गया, इस प्रदर्शन में शामिल छात्राओं को पुरुष पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास किया गया व दुर्व्यवहार करते हुए उन्हें बलपूर्वक घसीट कर पुलिस गाड़ी में डाला गया। इस दौरान एक भी महिला पुलिसकर्मी नहीं थी।



अभाविप काशी प्रांत के प्रांत मंत्री अतेंद्र सिंह ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जादवपुर विश्वविद्यालय में रैगिंग की घटना अत्यंत जघन्य कृत्य है। हमारे परिसर छात्रों के लिए सुरक्षित होने चाहिए, न कि उन्हें अपराधियों का अड्डा बनाया जाए। आज जब अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता स्वप्नदीप कुंडू के लिए न्याय की मांग कर रहे थे तो पुलिस ने उनके साथ अत्यंत बर्बरतापूर्वक व्यवहार किया गया। छात्राओं के साथ पुरुष पुलिसकर्मियों ने दुर्व्यवहार किया। महिलाओं के लिए पश्चिम बंगाल असुरक्षित होता जा रहा है, पश्चिम बंगाल सरकार केवल सरकार की विफलताओं को उजागर करने वालों को गिरफ्तार करने व पुलिसिया दमन में व्यस्त है।


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