वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और फ्रांस सरकार में विदेश व्यापार मंत्री ओलिवियर बेच्ट ने गुरुवार को ‘नवरत्न’ प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। यह प्रदर्शनी चंद्र महल-सवाई मान सिंह महल रामबाग पैलेस होटल में जी-20 टीआईएमएम कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई है।
जी-20 ट्रेड और इन्वेस्टमेंट मिनिस्टीरियल मीटिंग के अनुरूप यह प्रदर्शनियों की श्रृंखला का एक हिस्सा है। प्रदर्शनी में जी-20 प्रतिनिधियों के लिए आकर्षक कलाकृतियों को पेश किया गया, जो रत्न तथा आभूषण, टैक्सटाइल औऱ हैंडक्राफ्ट में शहर की विशेषज्ञता को प्रदर्शित कर रही थी। प्रदर्शनी का उद्देश्य इन क्षेत्रों में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्टेकहोल्डरों के बीच सहयोग को बढ़ावा देना, निवेश को प्रोत्साहित करना और व्यापार को बढ़ावा देना है।
केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने ओलिवियर बेच्ट के साथ एक्सपीरियंस जोन में कारीगरों के साथ बातचीत की। उन्होंने विभिन्न रत्नों और आभूषणों की वस्तुओं और राजस्थान के स्वदेशी वस्त्रों जैसे दाबू, ब्लॉक प्रिंट, बंधनी, गोट्टा पट्टी, रैली पैच वर्क और कोटा डोरिया की विस्तृत विविधता को तैयार करने की जटिल प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। इसके अलावा, पारंपरिक हस्तशिल्प जैसे अलंकृत और नक्काशीदार बक्से, सजी हुई मूर्तियाँ, संगमरमर की सोने की पत्ती का काम, हाथ से चित्रित लकड़ी के हस्तशिल्प, जड़ाई का काम और जोधपुर जूतियों के बारे में भी उन्होंने जानना चाहा।
जीजेईपीसी के अध्यक्ष विपुल शाह ने कहा कि यह प्रदर्शनी परंपरा और आधुनिकता के सहज मिश्रण का उदाहरण है, जो जयपुर के उद्योगों की विशेषता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कैसे यह गतिशील मिश्रण न केवल विरासत को संरक्षित करता है, बल्कि जयपुर के उद्योगों को एक जीवंत और अभिनव भविष्य की ओर भी प्रेरित करता है।
इसके अलावा, प्रतिनिधियों को राजस्थान की समृद्ध शिल्प परंपराओं और विरासत का प्रत्यक्ष अनुभव देने के लिए कार्यक्रम को और अधिक मनोरंजक और इंटरैक्टिव बनाने के लिए ठीकरी शिल्प, ब्लॉक प्रिंटिंग, लाख की चूड़ियां, ब्लू पॉटरी और सांझी कला का लाइव शिल्प प्रदर्शन भी किया गया। प्रदर्शनी में एक मनोरम फिल्म के माध्यम से राजस्थान की समृद्ध परंपराओं, जटिल शिल्प कौशल और आभूषण बनाने की कला की सूक्ष्म प्रक्रिया को भी दिखाया गया।
