इसरो का चंद्रयान 3 मिशन लगभग गोलाकार कक्षा में पहुंच गया है। चंद्रमा के चारों ओर 174 किलोमीटर चौड़ी और 1437 किलोमीटर लम्बी कक्षा में घूम रहे अंतरिक्ष यान को कल रात 151 किलोमीटर चौड़ा और 179 किलोमीटर लम्बे गोलाकार कक्षा में ले जाने के लिए यान के ऑनबोर्ड इंजनों को रेट्रोफायर करके चंद्रमा के करीब ले जाया गया। बेंगलुरु में इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कमांड नेटवर्क कल सुबह लगभग साढे आठ बजे कक्षा में कमी करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। इसके बाद, अंतरिक्ष यान 100 किलोमीटर लम्बे चौड़े चंद्र गोलाकार कक्षा में प्रवेश करेगा। इसरो का लक्ष्य 23 अगस्त को चंद्रमा की सतह पर चंद्रयान 3 के लैंडर की दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करना है। भारत चंद्रमा पर अपना पेलोड उतारने वाला चौथा देश बन जाएगा। रूस का लूना 25 अंतरिक्ष यान भी चंद्रमा की ओर बढ़ रहा है और इसके 21 अगस्त को दक्षिणी ध्रुव पर उतरने की उम्मीद है। चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर जिस देश का अंतरिक्ष यान सबसे पहले उतरेगा वह यह उपलब्धि हासिल करने वाला पहला देश बन जाएगा।
