मीरजापुर, 22 जनवरी । विंध्याचल धाम में गंगा घाटों पर चल रहे निर्माण कार्य पर अचानक ब्रेक लग गया है। मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर के तहत घाट, पाथवे और मां की पैड़ी के निर्माण का काम पिछले कुछ महीनों से युद्धस्तर पर चल रहा था, लेकिन बीते करीब पांच दिनों से कार्य पूरी तरह ठप दिखाई दे रहा है। इससे प्रशासनिक महकमे से लेकर स्थानीय स्तर तक चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार आठ जनवरी को पर्यटन निदेशक की ओर से निर्माण कार्य रोकने का आदेश जारी किया गया था। आदेश की प्रति मिलने के बाद जिला प्रशासन ने भी कार्यदाई संस्था को तत्काल काम बंद कराने के निर्देश दे दिए। हालांकि आदेश में निर्माण रोके जाने का स्पष्ट कारण दर्ज नहीं किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजना विंध्य कॉरिडोर के अंतर्गत करीब 48 करोड़ रुपये की लागत से मां की पैड़ी, घाट और पाथवे का निर्माण प्रस्तावित है। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने पूर्व में मेलाकैंप कार्यालय विंध्याचल में हुई बैठक के दौरान कार्यदाई संस्था को निर्देश दिया था कि बासंतिक नवरात्र से पहले निर्माण कार्य पूरा किया जाए। इसके बाद काम तेज गति से चल रहा था।
निर्माण रुकने को लेकर जानकारों में चर्चा है कि कार्यदाई संस्था द्वारा राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) से आवश्यक अनुमति न लेने के कारण यह कदम उठाया गया हो सकता है। हालांकि जिलाधिकारी का कहना है कि पर्यटन निदेशक के आदेश पर ही कार्य रुका है और उसमें किसी कारण का उल्लेख नहीं है।
फिलहाल निर्माण कार्य ठप होने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है, जबकि कॉरिडोर परियोजना की रफ्तार पहले से ही धीमी मानी जा रही है।
