बेंगलुरु, 22 जनवरी । कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने कहा कि संयुक्त विधानमंडल सत्र के दौरान आज हुई घटनाओं ने संविधान, सदन की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों को गहरी चोट पहुंचाई है। राज्य विधानमंडल के इतिहास में आज का दिन सबसे काला दिन है।
विधानसभा में भाजपा नेता आर. अशोक गुरुवार काे यहां विधानसौध में पत्रकाराें से वार्ता कर रहे थे। नेता विपक्ष आर. अशोक ने कहा कि कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने आज संयुक्त अधिवेशन में उपस्थित होकर अपना अभिभाषण प्रस्तुत किया और अपने संवैधानिक दायित्व का विधिवत पालन किया, लेकिन कांग्रेस सदस्याें ने “सड़क के गुंडों जैसा व्यवहार” करते हुए राज्यपाल के भाषण में जानबूझकर बाधा डाली, जो संविधान, राज्यपाल के पद और सदन की गरिमा का खुला अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन की परंपराओं और नियमावली को दरकिनार कर राज्यपाल के अभिभाषण को बाधित किया गया, जिससे पूरे विधानमंडल की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची।
कानून मंत्री छाेड़ें अपना पद
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सदन के वरिष्ठ सदस्य और राज्य के कानून मंत्री एचके पाटील का इस गलत परंपरा की अगुवाई किया जाना अत्यंत शर्मनाक और निंदनीय है। कानून मंत्री पाटील को अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, उन्हें तत्काल पद छोड़ देना चाहिए।
संविधान और राज्यपाल पद का अपमान
भाजपा नेता आर. अशोक ने स्पष्ट किया कि राज्यपाल का पूरा भाषण न पढ़कर प्रतीकात्मक रूप से अभिभाषण पढ़ना और सदन से प्रस्थान करना कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे पहले पूर्व राज्यपाल खुर्शीद आलम खान और हंसराज भारद्वाज के कार्यकाल में भी ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न हुई थीं। उन अवसरों पर परंपरा के अनुसार राष्ट्रगान गाकर राज्यपाल को सम्मानपूर्वक विदाई दी गई थी। लेकिन आज की घटना को अभूतपूर्व बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्यपाल के अभिभाषण के बाद न तो राष्ट्रगान गाया गया और न ही उन्हें सम्मानपूर्वक विदा किया गया। यह न केवल संविधान और राज्यपाल के पद का अपमान है, बल्कि सबसे बढ़कर हमारे राष्ट्रगान का घोर अपमान है। मैं इस पर कड़ा रोष व्यक्त करता हूं।
कांग्रेस सदस्याें के खिलाफ कार्रवाई काे स्पीकर काे लिखा पत्र
नेता विपक्ष आर. अशोक ने कहा कि आज की घटनाएं कर्नाटक विधानमंडल के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज होंगी।
उन्होंने बताया कि सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली और “गुंडा प्रवृत्ति” का प्रदर्शन करने वाले कांग्रेस विधायकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष यूटी खादर को पत्र लिखा है। उन्हाेंने कहा कि विधानमंडल की मर्यादा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई अनिवार्य है।
