भोपाल, 22 जनवरी। मध्य प्रदेश के सीहोर स्थित सत्य साईं विश्वविद्यालय (विवि) एक बड़े फर्जी डिग्री कांड के चलते जांच के घेरे में आ गया है। राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने यूनिवर्सिटी और उससे जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ दबिश से हड़कंप मच गया है।
यह कार्रवाई राजस्थान में वर्ष 2020 की पीटीआई (फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर) भर्ती प्रक्रिया में सामने आई अनियमितताओं के बाद की गई है। जांच में 67 अभ्यर्थियों की डिग्रियां फर्जी पाए जाने का खुलासा हुआ था। राजस्थान से आई एसओजी की विशेष टीम ने सीहोर स्थित यूनिवर्सिटी कैंपस के साथ-साथ यूनिवर्सिटी के मालिक के आवास पर भी छापा मारा। टीम ने यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले कुछ छात्रों के शैक्षणिक दस्तावेजों की गहन जांच की।
यह जांच बुधवार से शुरू होकर गुरुवार तक चली। इस कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में रिकॉर्ड, फाइलें और डिजिटल दस्तावेज खंगाले गए। एसओजी अधिकारियों ने यूनिवर्सिटी के प्रस्तुत किए गए रिकॉर्ड को संदिग्ध बताते हुए कहा कि कई दस्तावेज आपस में मेल नहीं खा रहे हैं।
मामले की जांच कर रहे राजस्थान एसओजी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश मेश्राम ने बताया कि जांच में यह सामने आया है कि सत्य साईं यूनिवर्सिटी द्वारा कुछ डिग्रियां बैक डेट में तैयार की गई थीं। इन डिग्रियों का उपयोग 2020 की पीटीआई भर्ती में किया गया, जिससे अयोग्य अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी में प्रवेश मिलने की आशंका है। उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान सरकार ने पूर्व में कई बार यूनिवर्सिटी से संबंधित रिकॉर्ड मांगे थे, लेकिन समय पर दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। इसी संदेह के आधार पर एसओजी ने अब सीधे छापेमारी कर जांच शुरू की है।
बुधवार शाम राजस्थान से एक विशेष टीम सीहोर पहुंची थी। यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने टीम के पहुंचने की पुष्टि तो की, लेकिन जांच के उद्देश्य को लेकर स्पष्ट जवाब देने से बचता नजर आया। यूनिवर्सिटी के प्रतिनिधि मुकेश तिवारी और अंकित जोशी ने बताया कि कुछ विद्यार्थियों के दस्तावेजों के वेरिफिकेशन के लिए राजस्थान से टीम आई है। उन्होंने इसे सामान्य सर्चिंग बताया, हालांकि यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि राजस्थान शिक्षा विभाग या जांच एजेंसी किस आधार पर और किस प्रकरण में जांच कर रही है।
दूसरी ओर यूनिवर्सिटी में पहुंची एसटीएफ और एसओजी टीम फर्जी डिग्री रैकेट की गंभीरता से जांच कर रही है। टीम ने यूनिवर्सिटी में मौजूद शैक्षणिक रिकॉर्ड, प्रवेश प्रक्रिया, परीक्षा प्रणाली और डिग्री जारी करने से जुड़े दस्तावेजों की बारीकी से पड़ताल की गई और अभी भी यह संबंधित जानकारी जुटा रही है। फिलहाल, यूनिवर्सिटी में चल रही जांच का पूरा ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है।
