नई दिल्ली, 27 दिसंबर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को भारत और इटली के बीच प्रवासन और गतिशीलता समझौते पर हस्ताक्षर करने और पुष्टि करने के विदेश मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
यह समझौता लोगों के बीच संपर्क बढ़ाएगा। छात्रों, कुशल श्रमिकों, व्यापारिक लोगों और युवा पेशेवरों की गतिशीलता को बढ़ावा देगा और दोनों पक्षों के बीच अनियमित प्रवासन से संबंधित मुद्दों पर सहयोग को मजबूत करेगा।
यह समझौता वर्तमान इटली वीजा व्यवस्था को लॉक करता है, जिसमें अध्ययन के बाद के अवसरों, इंटर्नशिप, पेशेवर प्रशिक्षण के लिए तंत्र शामिल हैं, जो फ्लो डिक्री के तहत मौजूदा श्रम गतिशीलता मार्गों के तहत भारत के लिए लाभ का आश्वासन देते हैं।
इस समझौते के तहत इटली में शैक्षणिक व व्यावसायिक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद प्रारंभिक पेशेवर अनुभव हासिल करने के इच्छुक भारतीय छात्रों को 12 महीने तक के लिए इटली में अस्थायी निवास की अनुमति दी जा सकती है। श्रमिकों के लिए इतालवी पक्ष ने वर्तमान फ्लो डिक्री के तहत 2023, 2024 और 2025 के लिए 5000, 6000 और 7000 गैर मौसमी भारतीय श्रमिकों का कोटा आरक्षित किया है (गैर-मौसमी श्रमिकों के लिए कुल आरक्षित कोटा 12000 है)। इसके अतिरिक्त, इतालवी पक्ष ने वर्तमान फ्लो डिक्री के तहत 2023, 2024 और 2025 के लिए 3000, 4000 और 5000 मौसमी भारतीय श्रमिकों का कोटा आरक्षित किया है (मौसमी श्रमिकों के लिए कुल आरक्षित कोटा 8000 है)।
