भोपाल, 28 जनवरी । मध्य प्रदेश में मौसम अचानक करवट ले चुका है। ठंड के मौसम में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिल रही है। मंगलवार को उज्जैन, गुना, आगर मालवा और शाजापुर में ओले गिरे, जबकि 20 से अधिक जिलों में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को भी यही स्थिति बनी रह सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) और ट्रफ सिस्टम के प्रभाव से मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव आया है। राजधानी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर सहित 20 से अधिक जिलो में मंगलवार को गरज-चमक के साथ बारिश हुई, जिससे ठंड बढ़ गई है। आज बुधवार को प्रदेश के 14 जिलों ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सागर और दमोह में आंधी और बारिश का अलर्ट है। वहीं श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सीधी, सिंगरौली, कटनी, उमरिया, शहडोल, नीमच और मंदसौर समेत कई जिलों में बादल छाए रहने की संभावना है।
कोहरे का भी असर
उत्तर मध्य प्रदेश के जिलों में बारिश के साथ-साथ बुधवार सुबह कोहरे का भी असर देखने को मिला। ग्वालियर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर और रीवा में मध्यम कोहरा छाया रहा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रायसेन और सीहोर सहित अन्य जिलों में भी दृश्यता प्रभावित हुई।
सीहोर में भी देर रात हुई बारिश के बाद बुधवार सुबह घना कोहरा छा गया, जिससे विजिबिलिटी काफी कम हो गई। यहां न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दमोह जिले में रात की बारिश के बाद ठंड का असर फिर बढ़ गया। ग्रामीण क्षेत्रों में करीब 10 मिनट तक ओलावृष्टि हुई। मऊगंज में मंगलवार शाम से बादलों की आवाजाही बनी रही और तड़के तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई। पिपरिया में रात करीब 2 बजे मौसम बदला और एक घंटे तक तेज बारिश हुई, जिससे गेहूं और चने की फसल को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
सागर-उज्जैन में ओले, फसलों को नुकसान
सागर में दिनभर बादलों के बाद रात में तेज हवा और गरज-चमक के साथ बारिश हुई। ग्रामीण इलाकों में ओलावृष्टि दर्ज की गई। जिले का अधिकतम तापमान 28.9 डिग्री और न्यूनतम 15 डिग्री सेल्सियस रहा। देवलचौरी में चना और बेर के आकार के ओले गिरे, जबकि बीना, खुरई और गौरझामर क्षेत्रों में भी बारिश हुई। उज्जैन और आसपास के इलाकों में मंगलवार शाम तेज बारिश और ओलावृष्टि हुई। घट्टिया और तराना तहसील के ग्राम बनड़ा बमोरी सहित कई गांवों में ओले गिरने से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल प्रभावित हुई।
