भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की आलोचना का करारा जवाब दिया और ऑपरेशन सिंदूर पर उसके “झूठे बयान” को पूरी तरह खारिज कर दिया। भारत ने स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश और अन्य आंतरिक मामलों पर पाकिस्तान का कोई अधिकार नहीं है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने कहा कि पाकिस्तान लगातार आतंकवाद को अपनी राज्य नीति के रूप में इस्तेमाल कर रहा है, जो सामान्य नहीं माना जा सकता। उन्होंने पाकिस्तान के राजदूत आसिम इफ्तिखार अहमद द्वारा ऑपरेशन सिंदूर पर की गई टिप्पणियों का जवाब देते हुए कहा कि इसका उद्देश्य केवल आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
पी. हरीश ने याद दिलाया कि ऑपरेशन सिंदूर संयमित, तनाव-रहित और जिम्मेदार था। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने 9 मई तक हमले की धमकी दी, लेकिन 10 मई को उसके सैन्य अधिकारियों ने सीधे भारतीय अधिकारियों से संपर्क कर युद्धविराम की मांग की। उन्होंने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और पाकिस्तान का इस पर कोई अधिकार नहीं है।
सिंधु जल संधि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत ने यह समझौता सद्भावना और मित्रता की भावना से किया था, लेकिन आतंकवाद और सीमा पार हमलों के कारण इसे स्थगित करना पड़ा। भारत ने पाकिस्तान को कानून के शासन और आतंकवाद के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का आत्मनिरीक्षण करने की सलाह भी दी।
