गुवाहाटी, 28 जनवरी । असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने बुधवार को पथरुघाट संग्राम स्मृति दिवस के अवसर पर 1894 के ऐतिहासिक पथरुघाट संग्राम के शहीद किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने इसे असम और भारत के इतिहास का एक गौरवशाली लेकिन अत्यंत पीड़ादायक अध्याय बताया।
मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया संदेश में कहा कि पथरुघाट संग्राम औपनिवेशिक अन्याय के विरुद्ध असम के किसानों के साहस, एकता और सर्वोच्च बलिदान का अमिट प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक संघर्ष की स्मृति आज भी जन-जन के हृदय में जीवित है और समाज को आत्मसम्मान तथा न्याय के लिए संघर्ष की प्रेरणा देती है।
डॉ. सरमा ने कहा कि शहीद किसानों का अतुलनीय देशप्रेम और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पथरुघाट संग्राम केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि असम के लोगों के अदम्य साहस, गरिमा और संघर्षशील चेतना का प्रतीक है।
