केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने गुजरात के गांधीनगर में जी-20 स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक के अंतिम दिन आज वैश्विक डिजिटल स्वास्थ्य कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह विश्व स्वास्थ्य संगठन दवारा प्रायोजित अभियान है। इस अवसर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेश डाक्टर ट्रेडोस एधोनम भी उपस्थित थे।
बैठक को संबोधित करते हुए श्री मंडाविया ने कहा कि भारत ने जी-20 की अध्यक्षता के अवसर को डिजिटल स्वास्थ्य हस्तक्षेपों के माध्यम से एक राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली विकसित करने में अपने अनुभवों का पूरा लाभ उठाया है। उन्होंने कहा कि आज का दिन जी-20 स्वास्थ्य कार्य समूह के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन है, जिसमें जी-20 देशों ने सामूहिक रूप से विश्व स्तर पर एक समान डिजिटल स्वास्थ्य पहल पर काम किया है। श्री मांडविया ने डिजिटल-इन-हेल्थ-अनलॉकिंग वैल्यू फॉर एवरीवन पर विश्व बैंक की रिपोर्ट भी जारी की।
इस अवसर पर डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ने कहा कि जीआईडीएच एक ऐसा सराहनीय कदम है जो सर्वोत्तम प्रथाओं को एक साथ लाता है। उन्होंने कहा कि यह पहल हमारे उन लक्ष्यों को हासिल करने में मददगार होगी जिसमें सभी के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करना तय किया गया है।
तीन दिवसीय इस बैठक में तीन प्राथमिकता वाले क्षेत्रों जैसे एंटी-बॉयोटिक प्रतिरोध, स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक फ्रेमवर्क के साथ स्वास्थ्य आपात स्थिति की रोकथाम और आवश्यक तैयारियों जैसे विषयों पर ध्यान केन्द्रित किया गया। इसमें फार्मास्युटिकल क्षेत्र और डिजिटल स्वास्थ्य नवाचारों के क्षेत्र में परस्पर सहयोग को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
जी-20 देशों के स्वास्थ्य मंत्रियों की समापन बैठक से अलग आज वित्त और स्वास्थ्य मंत्रियों की एक संयुक्त बैठक भी सम्पन्न हो गई जिसमें वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन शामिल हुई।
भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए लचीली, समावेशी और सुलभ स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली बनाने की प्रतिबद्धता के साथ जी-20 स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक आज गांधीनगर में संपन्न हो गई।
सदस्य देशों ने जी-20 संयुक्त वित्त-स्वास्थ्य कार्य बल के माध्यम से वित्तीय क्षेत्र को और सशक्त करने की प्रतिबद्धता भी दिखाई और महामारी कोष बनाने के लिए पहले पेश किए गए प्रस्तावों का भी स्वागत
किया।
इसके अलावा, जी-20 देशों ने एक अंतरिम चिकित्सा प्रतिक्रिया उपाय समन्वय तंत्र विकसित करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन- डब्ल्यूएचओ के नेतृत्व वाली समावेशी परामर्श प्रक्रिया का भी समर्थन किया। सदस्य देश डिजिटल स्वास्थ्य पर वैश्विक पहल के लिए डब्ल्यूएचओ के प्रयासों का समर्थन करने पर भी सहमत हुए। यह पहल डब्ल्यूएचओ की वैश्विक डिजिटल स्वास्थ्य रणनीति 2020-2025 के कार्यान्वयन का मार्ग प्रशस्त करेगी। जी-20 देशों ने टिकाऊ और कम कार्बन और कम ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन करने वाली स्वास्थ्य प्रणालियां और स्वास्थ्य देखभाल आपूर्ति श्रृंखलाएं बनाने पर भी सहमति व्यक्त की।
