उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने गुरुवार को शामली से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है। आईएसआई का यह जासूस अवैध हथियार एकत्रित कर देश की एकता, अखंडता, संप्रभुता व सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने की साजिश रच रहा था।
एसटीएफ को लगातार सूचना मिल रही थी कि पाकिस्तान के आंतकी संगठनों से मिलकर देश व प्रदेश में बड़ी वारदात को अंजाम देने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए बकायदा अवैध हथियार एकत्रित किए जा रहे हैं। एसटीएफ फील्ड यूनिट के अपर पुलिस अधीक्षक ब्रजेश कुमार सिंह की अगुवाई में इस दिशा में जाल फैला दिया गया। सूचना के बाद एसटीएफ की मेरठ इकाई ने घेराबंदी कर गुरुवार को शामली से कलीम को गिरफ्तार कर लिया। कलीम शामली जनपद के नौकुआं थाना कोतवाली मोमीनपुरा खेरबुखारी का रहने वाला है। मेरठ लाकर एसटीएफ ने कलीम से पूछताछ की। पूछताछ में कलीम ने एसटीएफ को बताया कि वह पांच भाई है। वह तीसरे नंबर का है और अभी अविवाहित है। उसके कुछ रिश्तेदार पाकिस्तान में रहते हैं, लिहाजा उसका वहां आना-जाना लगा रहता है। इसी दौरान वह आईएसआई व हैंडलर के संपर्क में आ गया। हिंदुस्तान में जेहाद करने व इस मदद में उसे मोटे पैसे का लालच दिया गया। कलीम का एक मोबाइल नंबर फर्जी आईडी से लिया गया था। इसका वाट्सऐप पाकिस्तान के आईएसआई ऑपरेटिव आतंकी दिलशाद उर्फ मिर्जा उर्फ शेख खालिद हाफिज के मोबाइल नंबर पर एक्टीवेट था। इसके जरिय ही यहां की खुफिया सूचनाएं पाकिस्तान भेजी जा रही थी। कलीम अवैध असलहों को इकठ्ठा करके अलग-अलग इलाकों में सप्लाई करता था। वह हिंदुस्तान में जेहाद फैलाने और मुस्लिम युवाओं का ब्रेन वॉश करता था। उसके पास से उर्दू में लिखे काफी पेपर और कई दस्तावेज बरामद हुए।
