मुंबई, 28 जनवरी । महाराष्ट्र और गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने बुधवार को विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की मौत पर गहरा दुख जताया है। राज्यपाल ने अपने शोक संदेश में कहा कि विमान दुर्घटना में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की असमय मौत से उन्हें गहरा दुख हुआ है, भगवान दिवंगत अजीत पवार की आत्मा को शांति दे और पवार के परिवार, साथियों और अनगिनत समर्थकों को इस दुखद घटना को सहने की हिम्मत दे।
बड़े भाई के जाने का दुख : उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने शोक संदेश में कहा कि उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की अचानक मौत की खबर सुनकर यकीन नहीं हो रहा और मैं हैरान हूं। अजीत पवार अनुभव और उम्र में मुझसे बड़े थे। उनके निधन से मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मेरा बड़ा भाई चला गया हो। आज महाराष्ट्र के लिए एक काला दिन है और हमने एक दूरदर्शी, बेबाक और बहुत मेहनती नेता खो दिया है। वह न केवल महायुति सरकार में मेरे साथी थे बल्कि मेरे अच्छे दोस्त भी थे। एकनाथ शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र उन्हें दादा के नाम से जानता था और वे वैसे ही थे। उनमें 'टाइम' मैनेज करने की कमाल की काबिलियत थी। हम सभी ने उनके काम करने की स्पीड और फैसले लेने का अनुभव किया है। मैंने न सिर्फ एक कलीग के तौर पर बल्कि एक दोस्त के तौर पर भी उनकी पर्सनैलिटी के पहलुओं को करीब से देखा है।
अजीत दादा के जाने से दिल को झटका लगा : मंत्री पंकजा मुंडे
महाराष्ट्र की पर्यावरण मंत्री पंकजा मुंडे ने अपने शोक संदेश में कहा कि अजित दादा ने अपने काम और अपने व्यवहार से राज्य की राजनीति में एक अलग ही धाक जमाई थी। राजनीति में उन्हें हर कोई जुबान के धनी व्यक्ति के रूप में जानता था। यकीन नहीं होता कि लोगों के बीच रहने वाला और लोगों के लिए काम करने वाला यह जन नेता आज हमारे बीच नहीं है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार एक कुशल प्रशासक, अपनी बात पर अडिग रहने वाले और अपने काम के प्रति बड़ी निष्ठा रखने वाले व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते हैं। ऐसे अजित दादा के असामयिक निधन की खबर दिल दहला देने वाली है। उनके जाने से महाराष्ट्र ने एक संस्कारी दादा व्यक्तित्व को खो दिया है। महाराष्ट्र दादा को नहीं भूल सकता, जिन्होंने अपने पढऩे के नज़रिए और काम करने की तेज़ी से बदलाव किया। भगवान पवार परिवार को इस दुख को सहने की ताकत दे ।
