कोलकाता, 27 जनवरी । पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आगामी सप्ताह नई दिल्ली का दौरा कर सकती हैं। इस दौरान वह पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के खिलाफ विपक्षी दलों के बीच व्यापक सहमति बनाने की कोशिश करेंगी।
हालांकि, उनके दौरे की तिथि और अवधि अभी तय नहीं हुई है, लेकिन मुख्यमंत्री की योजना संसद के आगामी बजट सत्र के दौरान राजधानी में रहने की है। इस दौरान सभी प्रमुख विपक्षी दलों के शीर्ष नेता और सांसद दिल्ली में मौजूद रहेंगे। पश्चिम बंगाल सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री ने नाम न छापने की शर्त पर यह जानकारी दी।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मतदाता सूची के मसौदे पर दावे और आपत्तियों की सुनवाई सात फरवरी तक पूरी होनी है, जबकि अंतिम मतदाता सूची 14 फरवरी को प्रकाशित की जानी है। हालांकि, चुनाव आयोग (ईसीआई) की ओर से संकेत मिले हैं कि इन दोनों समय-सीमाओं को बढ़ाया जा सकता है। अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद ही पश्चिम बंगाल और कुछ अन्य राज्यों में होने वाले अहम विधानसभा चुनावों की तिथियों की घोषणा की जाएगी।
तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर पार्टी का विरोध केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे राष्ट्रीय राजधानी तक ले जाया जाएगा। इस क्रम में चुनाव आयोग के मुख्यालय के समक्ष भी विरोध प्रदर्शन की योजना है।
पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि दिल्ली दौरे का उद्देश्य न केवल विपक्षी दलों के बीच इस मुद्दे पर साझा रणनीति बनाना है, बल्कि उन्हें इस आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल करना भी है।
हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री के सामने यह चुनौती रहेगी कि वह विपक्ष को किस हद तक एकजुट कर पाती हैं, क्योंकि पश्चिम बंगाल के विपरीत अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर इतना विवाद नहीं देखा गया है।
