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विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में केंद्रीय विद्यालय की भूमिका महत्वपूर्ण होगी: धर्मेंद्र प्रधान

Date : 15-Dec-2023

 नई दिल्ली, 15 दिसंबर । केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शुक्रवार को कहा कि 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में केंद्रीय विद्यालय (केवी) की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।



प्रधान ने नई दिल्ली में केंद्रीय विद्यालय संगठन की हीरक जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह को संबोधित किया। इससे पूर्व उन्होंने केवीएस की 60 वर्षों की यात्रा पर विशेष रूप से आयोजित एक प्रदर्शनी का भी दौरा किया। समारोह के दौरान केंद्रीय विद्यालय पर एक लघु फिल्म भी दिखाई गई। केन्द्रीय विद्यालय के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।





प्रधान ने इस अवसर पर केंद्रीय विद्यालय संगठन को हीरक जयंती समारोह और पिछले छह दशकों से छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए बधाई दी। उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि केन्द्रीय विद्यालय बच्चों के बहुआयामी व्यक्तित्व के पोषण की प्रयोगशाला है।





उन्होंने उल्लेख किया कि केंद्रीय विद्यालय देश के विकास में एक प्रमुख कारक के रूप में काम करेगा और 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य को साकार करने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। प्रधान ने यह भी उम्मीद जताई कि 21वीं सदी की जरूरतों के अनुसार और एनईपी2020 के कार्यान्वयन के साथ स्कूल राष्ट्र को अपना सहयोग प्रदान करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विद्यालयों के छात्र भविष्य के विचारशील और बौद्धिक नेता बनकर उभरेंगे। अमृत काल के दौरान आने वाले 25 वर्षों में केवीएस की नेतृत्व भूमिका में विश्वास व्यक्त करते हुए उन्होंने आधुनिक बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाने, एनईपी के साथ तालमेल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसी प्रगति की वकालत की।





उल्लेखनीय है कि केंद्रीय विद्यालय संगठन की स्थापना 1963 में स्थानांतरणीय केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बच्चों के लिए और शैक्षणिक सत्र के दौरान निर्बाध स्कूली शिक्षा प्रदान करने के लिए केवल 20 रेजिमेंटल स्कूलों के साथ की गई थी। प्रारंभ में ये स्कूल उन क्षेत्रों में स्थापित किए गए थे, जहां बड़ी संख्या में रक्षा कर्मचारी तैनात थे।


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