चंडीगढ़, 14 दिसंबर । रेल मंत्रालय ने पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना पर ब्रेक लगा दिए हैं। रेलवे ने इस योजना के लिए पंजाब को रेलगाड़ियां देने से इनकार कर दिया है। इसके चलते अब कुछ दिनों तक यह योजना केवल पंजाब में ही बसों से चलेगी। धार्मिक यात्रा करने वाले बुजुर्ग पंजाब से बाहर नहीं जा सकेंगे।
पंजाब सरकार ने 27 नवंबर को गुरुपर्व के मौके पर 'मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा' योजना शुरू की थी। इस पर योजना का विरोध करके एडवोकेट एचसी अरोड़ा की तरफ से पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। बीती सुनवाई में हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को अपना पक्ष रखने के लिए कहा है।
इधर, फरवरी तक ट्रेनें न होने की जानकारी रेलवे ने मौखिक तौर पर पंजाब सरकार को दी है। रेलवे का तर्क है कि उनके पास जनरेटरों की कमी है, जिसके चलते एसी ट्रेनों की उपलब्धता नहीं हो पाएगी। फिलहाल पंजाब सरकार भी रेलवे की तरफ से लिखित आदेश के आने का इंतजार कर रही है।
दूसरी तरफ, पंजाब सरकार विभिन्न गुरुधामों के दर्शनों के लिए रेलवे को 1 करोड़ रुपये से अधिक एडवांस दे चुकी है। अभी तक एक ही ट्रेन पंजाब सरकार की तरफ से शुरू की गई थी, जिसमें एक हजार के करीब श्रद्धालुओं ने अमृतसर से नंदेड़ साहिब तक की यात्रा की थी। साप्ताहिक टूर में यात्रियों को खाने-पीने से लेकर रहने व दर्शनों तक के सारे इंतजाम पंजाब सरकार की तरफ से किए गए थे।
