विधायक दल को नेता चुनने के लिए भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित 54 विधायको के बीच एक बैठक का आयोजन किया गया ,इसके बाद मुख्यमंत्री पद के लिए वरिष्ठ आदिवासी नेता विष्णु देव साय पर मुहर लग दी गई है | मुख्यमंत्री का शपथ 13 सितम्बर को लेंगे जिनमे बीजेपी के वरिष्ट नेता भी शामिल हो सकते है | यह पहली बार है कि छत्तीसगढ़ की कमान किसी आदिवासी नेता को सौंपी गई है. आइये जानते है , छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के राजनीतिक सफर के बारे में |
विष्णु देव एक कृषक परिवार से संबंध रखते हैं। इन्होने 1989 में अपनी ग्राम पंचायत बगिया से बतौर पंच राजनीतिक करियर की शुरुआत की। उनकी योग्यता को देखते हुए 1 साल के अंदर यानी की 1990 में ही इन्हें सरपंच बना दिया गया।
साल 1990 में विष्णुदेव साय ने पहली बार जिले के तपकरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत हासिल कर अविभाजित मध्यप्रदेश में विधायक बने।
विष्णु देव साय वर्तमान में कुनकुरी विधानसभा सीट से विधायक हैं. वे सांसद और केंद्रीय मंत्री भी रह चुके हैं. साय 1999 से 2019 तक रायगढ़ से सांसद रहे, 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में साय ने केंद्रीय मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाली और उन्हें केंद्रीय इस्पात राज्य मंत्री का उतरदायित्व दिया गया था. वे 2014 से 2016 तक केंद्र में मंत्री रहे.2006 व 2020 में विष्णु देव दो बार छत्तीसगढ़ के भाजपा अध्यक्ष भी रहे हैं.
कुनकुरी विधानसभा में कुल 158455 मतदान हुए | जिसमे विष्णु देव साय को 87604 (59.9 ) मत प्राप्त हुए | जबकि कांग्रेस के यूडी मिंज को 62063 मत ( 40 %) से भी कम मत मिले | जीत हार का फैसला 25541 मतों से किया गया | जबकि नोट में 2531 मत गये | वही आम आदमी पार्टी के लियोस मिंज को 1945 मिले |
