प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- सुशासन में सत्ता विरोधी लहर शब्द अप्रासंगिक हो जाता है | The Voice TV

Quote :

" जो स्वयं पर विजय पा लेता है, उसे संसार पराजित नहीं कर सकता।"

National

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा- सुशासन में सत्ता विरोधी लहर शब्द अप्रासंगिक हो जाता है

Date : 04-Dec-2023

नई दिल्ली, 04 दिसंबर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तीन राज्यों में भारतीय जनता पार्टी को मिली प्रचंड जीत पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि देश ने नकारात्मकता को नकारा है। उन्होंने कहा कि जब सुशासन होता है तो सत्ता विरोधी लहर शब्द अप्रासंगिक हो जाता है।


प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को संसद के शीतकालीन सत्र से पहले मीडिया से चर्चा में कहा कि अगर मैं वर्तमान चुनाव नतीजों के आधार पर कहूं, तो ये विपक्ष में बैठे हुए साथियों के लिए सुनहरा मौका है। इस सत्र में पराजय का गुस्सा निकालने की योजना बनाने के बजाय, इस पराजय से सीखकर, पिछले 9 साल में चलाई गई नकारात्मकता की प्रवृत्ति को छोड़कर इस सत्र में अगर सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ेंगे तो देश उनकी तरफ देखने का दृष्टिकोण बदलेगा।


उन्होंने कहा कि कल ही 4 राज्यों के चुनाव नतीजे आए हैं। बहुत ही उत्साहवर्धक परिणाम आए हैं। ये उनके लिए उत्साहवर्धक है, जो देश के सामान्य मानव के कल्याण के लिए, देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित हैं। उन्होंने कहा कि जो सभी समाजों और सभी समूहों की महिलाओं, युवा, हर समुदाय और समाज के किसान और देश के गरीबों के सशक्तिकरण और भविष्य को सुनिश्चित करने वाली ठोस योजनाएं और अंतिम व्यक्ति तक पहुंच के उसूलों पर जो चलता है, उन्हें भरपूर समर्थन मिलता है।


उन्होंने कहा कि इतने उत्तम जनादेश के बाद आज हम संसद के इस नए मंदिर में मिल रहे हैं। जब इस नए परिसर का उद्घाटन हुआ था, तो उस समय एक छोटा सा सत्र था और एक ऐतिहासिक निर्णय हुआ था। लेकिन इस बार लंबे समय तक इस सदन में कार्य करने का अवसर मिलेगा। मोदी ने कहा कि देश ने नकारात्मकता को नकारा है। सत्र के प्रारंभ में विपक्ष के साथियों के साथ हमारा विचार-विमर्श होता है, सबके सहयोग के लिए हम हमेशा आग्रह करते हैं। इस बार भी ये सभी प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र का ये मंदिर जन आकांक्षाओं के लिए, विकसित भारत की नींव को अधिक मजबूत बनाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण मंच है। मेरा सभी से आग्रह है कि वो ज्यादा से ज्यादा तैयारी कर के आएं और सदन में जो भी बिल रखे जाएं उन पर गहन चर्चा हो।


RELATED POST

Leave a reply
Click to reload image
Click on the image to reload









Advertisement