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इस दशक के अंत तक भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगाः उपराष्ट्रपति

Date : 12-Sep-2023

 भरतपुर, 12 सितंबर । एक दिवसीय यात्रा के दौरान भरतपुर आये उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जीवन में कभी भी तनाव न लें, तनाव मुक्त रहें, दुनिया में ऐसी कोई उपलब्धि हासिल नहीं हुई है जिसके मार्ग में असफलताएं ना आई हो।

उपराष्ट्रपति ने देश की विकास यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि 10 वर्ष पहले भारत पांच कमजोर अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता था लेकिन आज हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गए हैं और इस दशक के अंत तक भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज भारत का डंका पूरी दुनिया में बज रहा है। कितनी खुशी होती जब विश्व बैंक के अध्यक्ष कहते हैं कि भारत ने 6 साल में वह हासिल कर लिया जो 50 सालों में भी संभव नहीं था। उन्होंने छात्र-छात्राओं से कहा कि हम इस महान देश के नागरिक हैं, हमारी सभ्यता 5000 वर्ष से भी पुरानी है। हम वहां पहुंच चुके हैं, जहां दुनिया हमारा लोहा मान रही है। हमें भारतीय होने पर गर्व करना चाहिए।

उन्होंने आगे कहा कि पहले सत्ता के अंदर हमारे जमाने में दलाल होते थे। बिना दलाली के कोई काम नहीं होता था। पैसा लोगों तक सीधा नहीं पहुंचता था। बिचौलिए बीच में खा जाते थे। कमीशन एजेंट होते थे। सत्ता के गलियारों से वह सब गायब हो गए हैं।

उन्होंने कहा कि हम हमारे महान भारत को कलंकित करने का अधिकार किसी को भी नहीं है। ना देश में और ना विदेश में जाकर और जो लोग ऐसा कर रहे हैं, जो इसमें संलिप्त हैं। देश की छवि बिगाड़ने में। देश को और हमारी संस्थाओं को नीचा दिखाने के लिए, उसे कलंकित करने के लिए, हम उन्हें बर्दाश्त नहीं कर सकते। भारत के मजबूत व्यवस्था है और किसी दुनिया में इतनी मजबूत व्यवस्था नहीं है। छात्र और छात्राओं दुनिया के किसी भी देश में संविधान के अंतर्गत गांव में प्रजातंत्र नहीं है। भारत में है पंचायत में लोकतंत्र है। जिला स्तर पर लोकतंत्र है और इनका प्रावधान हमारे संविधान में दिया गया है।

देश में की करोड़ों की संख्या में बैंक अकाउंट खुल जाएंगे। करोड़ों की संख्या में गैस के कनेक्शन दिए जाएंगे जिसका कभी सपना नहीं देखा गया था वह आज हकीकत है। साफ नियत दृढ़ निश्चय, जनहित में कार्य करने से संभव हुआ है।
छात्र-छात्र को शुभकामनाएं देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि अपने माता-पिता और गुरुजनों और बुजुर्गों का सम्मान करें, देश का सम्मान करें, अपने देश की उपलब्धियां पर गर्व करें, भारतीय होने पर गर्व करें।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षक, छात्र-छात्राएं एवं अन्य कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


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