वसंत पंचमी का पर्व ज्ञान, विद्या और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है। इस शुभ दिन पर मां को पीले रंग के वस्त्र, पुष्प और प्रिय प्रसाद अर्पित किए जाते हैं। इन्हीं प्रसादों में मालपुआ का विशेष महत्व माना गया है। मालपुआ न केवल स्वाद में बेहद लाजवाब होता है, बल्कि इसे मां सरस्वती का प्रिय भोग भी माना जाता है। मान्यता है कि वसंत पंचमी पर श्रद्धा के साथ मालपुआ अर्पित करने से मां की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में विद्या व बुद्धि का वास होता है।
सामग्री
मैदा 1 कप, चीनी ½ कप, दूध ½ कप, इलायची पाउडर ¼ चम्मच, केसर ¼ चम्मच, घी या तेल तलने के लिए।
चाशनी के लिए: चीनी 1 कप और आवश्यकतानुसार पानी।
बनाने की विधि
सबसे पहले एक बर्तन में मैदा, चीनी और इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिला लें। अब इसमें धीरे-धीरे दूध मिलाकर चिकना घोल तैयार करें और करीब 30 मिनट के लिए ढककर रख दें।
इसके बाद कढ़ाई में घी या तेल गरम करें। तैयार घोल को छोटे-छोटे पुए के आकार में डालकर मध्यम आंच पर सुनहरा होने तक तल लें।
अब एक पैन में चीनी और पानी डालकर चाशनी बनाएं। 5–7 मिनट में जब चाशनी हल्की गाढ़ी हो जाए, तब तले हुए मालपुओं को इसमें डाल दें।
गरमागरम मालपुआ तैयार हैं। इन्हें श्रद्धा के साथ मां सरस्वती को अर्पित करें और वसंत पंचमी का पर्व मिठास और भक्ति के साथ मनाएं।
