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राजौरी मुठभेड़ में सेना की मादा लैब्राडोर 'केंट' अपने हैंडलर की रक्षा करते हुए हुई बलिदान

Date : 12-Sep-2023

 नई दिल्ली, 12 सितंबर जम्मू-कश्मीर के राजौरी में ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना की 21 आर्मी डॉग यूनिट की छह वर्षीय मादा लैब्राडोर ‘केंट’ ने अपने हैंडलर की रक्षा करते हुए अपनी जान दे दी। केंट भाग रहे आतंकवादियों की तलाश में सैनिकों की एक टुकड़ी का नेतृत्व कर रही थी लेकिन आतंकवादियों की गोली लगने पर उसने अपना जीवन बलिदान कर दिया। इस मुठभेड़ में एक जवान शहीद हो गया और एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) समेत तीन घायल हो गए।

जम्मू-कश्मीर पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) मुकेश सिंह ने बताया कि सोमवार शाम को राजौरी के पड़ोसी तेरयाथ इलाके में सुरक्षा बलों ने संदिग्ध आतंकवादियों पर गोलीबारी के बाद घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया था। इस दौरान मौके से दवाइयां, मोबाइल चार्जर, पानी की बोतलें समेत अन्य सामान बरामद किया गया, जो आतंकवादी इलाके से भागने से पहले छोड़ गए थे। इसके बाद राजौरी जिले में मंगलवार को बुद्धल के नरला इलाके में शुरू हुई मुठभेड़ में एक आतंकवादी को मार गिराया गया, जबकि एक जवान शहीद हो गया और एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) समेत तीन घायल हो गए।

सेना ने एक बयान में बताया कि भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों के खिलाफ सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने संयुक्त अभियान शुरू किया था। इसी मुठभेड़ के दौरान एक आतंकवादी मारा गया और 3 सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। मुठभेड़ स्थल के पास छिपे आतंकियों की तलाश करने के लिए भारतीय सेना की 21 आर्मी डॉग यूनिट की छह वर्षीय मादा लैब्राडोर को लाया गया। सेना के एक अधिकारी ने कहा कि एक बार जब वे इलाके में पहुंचे, तो सुरक्षा बलों को कम से कम दो आतंकवादियों की भारी गोलीबारी का सामना करना पड़ा, जिसका जवाब दिया गया।

पीआरओ डिफेंस लेफ्टिनेंट कर्नल सुनील बर्तवाल ने बताया कि आर्मी डॉग यूनिट की छह वर्षीय मादा लैब्राडोर केंट ऑपरेशन में सबसे आगे थी। वह भाग रहे आतंकवादियों की तलाश में सैनिकों की एक टुकड़ी का नेतृत्व कर रही थी। इसी दौरान वह आतंकवादियों की भारी गोलीबारी की शिकार हो गई। अपने हैंडलर की रक्षा करते हुए इसने भारतीय सेना की सर्वोत्तम परंपराओं का पालन करते हुए अपना जीवन बलिदान कर दिया। पिछले कुछ महीनों के दौरान राजौरी और पुंछ में नियंत्रण रेखा (एलओसी) और रियासी जिले में कई मुठभेड़ हुई हैं। माना जा रहा है कि पाकिस्तानी आतंकी जम्मू संभाग में शांति भंग करने के लिए एलओसी से घुसपैठ कर रहे हैं।


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