जल शक्ति मंत्रालय का जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग 14 से 15 सितंबर तक जयपुर में राजस्थान अंतरराष्ट्रीय केंद्र (आरआईसी) में बांध सुरक्षा (आईसीडीएस) पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करेगा। सम्मेलन में विश्व के जाने माने विशेषज्ञ और अग्रणी व्यक्ति, बांध सुरक्षा बढ़ाने की क्षमताओं को मजबूत करने के लिए एकत्रित होंगे। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।
सम्मेलन में बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना (डीआरआईपी) चरण द्वितीय और तृतीय के उद्देश्यों के साथ ही परियोजना भारत में बांध सुरक्षा सुधार में कैसे योगदान देती है, इस पर विशेष रूप से चर्चा की जाएगी। जानकारी से भरे अनेक सत्र पेशेवरों और संगठनों को बांधों से संबंधित ज्ञान, अनुभव, प्रौद्योगिकियों, नवाचारों और सुरक्षा प्रयासों पर केंद्रित चर्चा में शामिल होने में मदद करेंगे।
उद्घाटन सत्र का एक मुख्य आकर्षण विनाइल-आवरण वाली 'पानी की रेल' यानी दो प्रमुख ट्रेनों, हिमसागर एक्सप्रेस और कामाख्या एक्सप्रेस को रवाना करना होगा, जो जल संरक्षण और प्रबंधन, नदी पुनर्जीवन और पेयजल और बेहतर स्वच्छता के महत्व के महत्वपूर्ण संदेश को बढ़ावा देने के लिए एक चलते-फिरते बिलबोर्ड के रूप में कार्य करेंगे।
जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय जल मिशन के नेतृत्व में रेल मंत्रालय के सहयोग से ‘पानी की रेल’ शीर्षक से यह अनूठी पहल, महत्वपूर्ण जल संरक्षण परियोजनाओं की बानगी प्रस्तुत करेगी, जो समुदाय द्वारा संचालित जल संरक्षण एवं प्रबंधन के संबंध में प्रधानमंत्री की कल्पना को परिलक्षित करती है। इस पहल का प्राथमिक उद्देश्य देश के कोने-कोने तक पहुंच कर जल संरक्षण के महत्वपूर्ण संदेश को प्रसारित करना है । ये ट्रेनें देश के लाखों लोगों तक पहुंचकर अपनी छाप छोड़ेंगी और पानी को एक सीमित और अमूल्य संसाधन मानने का महत्व बताएंगी।
उद्घाटन सत्र के बाद सम्मेलन तकनीकी सत्रों के साथ जारी रहेगा, जिसमें बांध सुरक्षा के लिए नवीनतम प्रौद्योगिकियों और नवीन दृष्टिकोणों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इन सत्रों में बांधों की निगरानी, निरीक्षण और पुनर्वास सहित विभिन्न पहलुओं को शामिल किया जाएगा। दूसरे दिन दो तकनीकी सत्र होंगे। इनमें एक बांधों की स्थिति के मूल्यांकन पर केंद्रित होगा, बांधों की संरचनात्मक सम्पूर्णता के मूल्यांकन के लिए नवीनतम तरीकों को प्रस्तुत करना और दूसरा बांध सुरक्षा के औद्योगिक अनुप्रयोग पर जोर देने, जल विद्युत, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण के लिए बांधों के उपयोग को प्रदर्शित करने पर केन्द्रित होगा।
सम्मेलन के दौरान बांध सुरक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में नवीनतम विकास, प्रौद्योगिकियों और समाधानों को प्रदर्शित करने वाले उत्पादों, चार्ट, बैनर और तस्वीरों के प्रदर्शन/प्रदर्शनी के लिए कार्यक्रम स्थल पर एक प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। सम्मेलन का आयोजन राजस्थान जल संसाधन विभाग, केंद्रीय जल आयोग, राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण, एमएनआईटी जयपुर, डब्ल्यूएपीसीओएस लिमिटेड, विश्व बैंक और एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक के सहयोग से किया जा रहा है।
गहन सांस्कृतिक अनुभव के साथ जबरदस्त तकनीकी विचार-विमर्श के साथ 16 सितंबर, 2023 को दर्शनीय स्थलों की यात्रा की योजना बनाई गई है। इसमें तेंदुआ सफारी और बीसलपुर बांध की यात्रा शामिल है। इसके अलावा, सम्मेलन के प्रत्येक दिन रात्रिभोज के साथ क्षेत्र के शास्त्रीय संगीत और नृत्य कला वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
