नई दिल्ली, 12 सितंबर । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में किसानों के अधिकारों पर पहली वैश्विक संगोष्ठी का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में 59 देशों के प्रख्यात वैज्ञानिक और किसान शामिल हुए।
इस अवसर पर राष्ट्रपति ने कहा कि दुनिया का कृषक समुदाय फसल विविधता का सच्चा संरक्षक है। इस दिशा में किसानों के पास असाधारण शक्ति और जिम्मेदारी है। उन्होंने पौधों और प्रजातियों की कई किस्मों की रक्षा और उन्हें पुनर्जीवित करने के किसानों के प्रयास की सराहना की।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत विशाल विविधता वाला देश है। इसका क्षेत्रफल भले ही विश्व का केवल 2.4 प्रतिशत लेकिन दुनिया की 7 से 8 प्रतिशत जैव प्रजातियां यहीं है। भारत की समृद्ध कृषि-जैव विविधता वैश्विक समुदाय के लिए एक खजाना रही है। उन्होंने कहा कि हमारे किसानों ने कड़ी मेहनत और उद्यमिता से पौधों की स्थानीय किस्मों का संरक्षण किया है। जंगली पौधों को घरेलु उपयोगी बनाया है और पारंपरिक किस्मों का पोषण किया है।
