लोकसभा में सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर कल चर्चा हुई। दोपहर 12 बजे कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने प्रस्ताव पर बहस शुरू की। उन्होंने कहा कि विपक्षी गठबंधन मणिपुर के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाया है क्योंकि राज्य न्याय की मांग कर रहा है। उन्होंने पूछा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अब तक मणिपुर क्यों नहीं गए हैं।
भाजपा के निशिकांत दुबे ने नवगठित गठबंधन की एकता पर सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासन के दौरान समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल और तृणमूल कांग्रेस सहित विपक्षी दलों के नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज किए गए और कार्रवाई भी हुई है।तृणमूल कांग्रेस के सौगत रॉय ने भाजपा पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी ने पश्चिम बंगाल में एक प्रतिनिधिमंडल भेजा था, लेकिन मणिपुर में नहीं भेजा। बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्रा ने अविश्वास प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा कि इसे कांग्रेस पार्टी लेकर आई है और इसका खारिज होना निश्चित है।
शिवसेना उद्धव गुट के अरविंद सावंत ने आरोप लगाया कि केंद्र 70 दिनों तक मणिपुर मुद्दे पर चुप रहा। पृथ्वी विज्ञान मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि केंद्र के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ऐतिहासिक है क्योंकि यह आखिरी प्रस्ताव होगा जो नए संसद भवन में सत्र शुरू होने से पहले खारिज हो जाएगा।चर्चा आज भी जारी रहेगी।
