उत्तरप्रदेश :- ज्ञानवापी में सर्वे के पांचवें दिन सोमवार को हिंदू पक्ष के अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी ने दावा किया कि गुंबदों की जांच में दो सीढ़ियां मिली हैं। दो कलश भी रखे हैं। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की टीम सर्वे को सावधानी से आगे बढ़ा रही है। हर स्थान व बिंदु को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। सैटेलाइट की मदद ली जा रही है।
सावन व काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सोमवार को ज्ञानवापी का सर्वे सुबह सवा ग्यारह बजे शुरू हो सका। कड़ी सुरक्षा के बीच एएसआई की टीम ज्ञानवापी परिसर पहुंची और सर्वे को आगे बढ़ाया। तीनों गुंबदों के ऊपरी, भीतरी और बाहरी हिस्से की जांच की गई। तहखाने के साथ ही पश्चिमी दीवार व परिसर के दूसरे हिस्सों में मशीन लगाकर जांच हुई। देर शाम सर्वे खत्म हुआ तो हिंदू और मुस्लिम पक्ष के लोग बाहर आए। हिंदू पक्ष के अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी ने पत्रकारों से बात की और कहा कि टीम का ध्यान अभी गुंबद की जांच पर है। सोमवार को भी गुंबद के अलग-अलग हिस्से की जांच हुई है, जहां दो सीढि़यां मिली हैं। दो कलश रखे गए हैं। गुंबद की थ्रीडी इमेजिंग और मैपिंग की जा रही है। डिजिटल नक्शे में फोटोग्राफ को शामिल किया जा रहा है। मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जो हिस्सा टूटकर गिरा है, उसे सर्वे में शामिल किया गया है।
क्या बोला हिंदू पक्ष
हिंदू पक्ष की याचिकाकर्ता मंजू व्यास ने सोमवार को कहा- सर्वे जारी है। सभी साक्ष्य मौजूद हैं। जो अंदर छुपाकर रखा गया है, वह हमें नहीं पता। सर्वे टीम अपने तरीके से जांच कर रही है। साक्ष्य जुटा रही है। इमारत के ऊपरी हिस्से में जाने की इजाजत नहीं दी गई है। अंदर भी जाने से रोका गया है। सर्वे टीम चारों तरफ बंटकर काम कर रही है। मुस्लिम पक्ष भी भरपूर सहयोग कर रहा है।मुस्लिम पक्ष डर क्यों रहा है, यह समझ से बाहर है। साक्ष्य है। वह सौ फीसदी मंदिर है। शिव ही सत्य है। सर्वे से संतुष्ट हैं।
वहीं अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन का भी बयान सामने आया। उन्होंने कहा- पश्चिमी दीवार और तहखानों का सर्वे हो रहा है। अभी मलबा हटाया जा रहा है। इसका गहन अध्ययन होगा। गुंबदों का सर्वे कोर्ट के आदेश पर हो रहा है। डीजीपीएस मशीन व टोपोग्राफी तकनीक का इस्तेमाल भी किया जा रहा है। जमीन की माप-जोख के साथ मैपिंग का काम चल रहा है। कोर्ट के आदेश का पालन करना है।
अधिवक्ता सुधीर त्रिपाठी ने भी सोमवार को कहा- सर्वे का पांचवां दिन है। रविवार की तरह ही सोमवार को भी गुंबद के ऊपरी व भीतरी हिस्से का अध्ययन किया गया । तीनों गुंबद पर यंत्र लगाकर साक्ष्य जुटाए गए हैं। अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी सहयोग कर रही है। सीढ़ी का दरवाजा खोलकर जांच की गई है। गुंबद के नीचे जहां धप-धप की आवाज आती है, उसे भी देखा जा रहा है। सारी सच्चाई सामने आ रही है। सर्वे में जो अलग है, वह रिपोर्ट एएसआई बताएगी। सर्वे अभी लंबा चलेगा।
वहीं, अधिवक्ता सुभाष नंदन चतुर्वेदी का भी बयान सामने आया। 'एएसआई की टीम इत्मीनान से सर्वे कर रही है। माप-जोख कर रही है। मशीन और तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। परिसर का क्षेत्र, मंडप, गुंबद, तहखाने सभी का सर्वे किया जा रहा है। मैपिंग, फोटोग्राफी के साथ वीडियोग्राफी भी हुई है। अभी कुछ निकलकर नहीं आया है। एएसआई सर्वे के बाद अपनी रिपोर्ट अदालत मेंं पेश करेगी। रिपोर्ट में हर जानकारी दी जाएगी।'
अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के संयुक्त सचिव एसएम यासीन ने कहा- एएसआई का सर्वे संतोषजनक से चल रहा है। हर तरह से सहयोग किया जा रहा है। सुरक्षा के इंतजाम भी बेहतर हैं, लेकिन वादी पक्ष संयम नहीं बरत रहा है। अनर्गल अलाप जारी है। इस पर जिला प्रशासन से आपत्ति दर्ज कराई गई है। जिला प्रशासन रास्ता निकालने में जुटा है। बेहतरी की उम्मीद है। मुस्लिम पक्ष की तरफ से कोई बयानबाजी नहीं की जा रही है। वादी पक्ष को संयम बरतना चाहिए।
अमर उजाला
