मुंबई: पूरी बीजेपी मिलकर भी मुझे खत्म नहीं कर सकती। बीजेपी चाहे जितनी कोशिश कर ले महाराष्ट्र से ठाकरे को खत्म नहीं कर सकती। ठाकरे घराने का एक इतिहास है। जो लोग आज ठाकरे घराने पर टिप्पणी कर रहे हैं, उनका क्या इतिहास है। हमें थप्पड़ देने की हिम्मत किसी में नहीं है। हम ही अब तक अनेकों को थप्पड़ देते आए हैं। यह बात रविवार को उद्धव ठाकरे ने रंगशारदा सभागृह में आयोजित शिवसेना (यूबीटी) और संभाजी बिग्रेड के संयुक्त सम्मेलन में कही। उद्धव ने सरकार को चुनौती दी कि अगर हिम्मत है, तो लोकसभा, विधानसभा और महानगरपालिका के तीनों चुनाव एक साथ करा लें। उद्धव ने कहा कि मैंने बीजेपी का साथ छोड़ा है, हिंदुत्व नहीं छोड़ा है। मैं कांग्रेस के साथ हूं, इसका मतलब यह नहीं है कि मैंने हिंदुत्व छोड़ दिया है। हिंदुत्व हमारे खून में है। हमें हिंदुत्व का ढोंग करने की जरूरत नहीं है। उद्धव ने कहा कि केंद्र और राज्य में बीजेपी का राज है, फिर भी हिंदुत्व खतरे में है का नारा दिया जा रहा है।
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि बीजेपी में कोई राम नहीं बचा, सब आयाराम हैं। बीजेपी आयारामों का मंदिर बन गई है और दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि बीजेपी के कार्यकर्ताओं को उनकी पूजा-आरती करनी पड़ रही है। यही वजह है कि कर्नाटक में बजरंग बलि ने बीजेपी का साथ नहीं दिया।
मोदी का नहीं, प्रवृति का विरोध
उद्धव ने कहा कि हमारा विरोध मोदी से नहीं है, उनकी प्रवृत्ति से है। मोदी को जब कोई महत्व नहीं देता था तब बालासाहेब ने उन्हें आधार दिया। विपक्ष के गठबंधन 'इंडिया' को लेकर बीजेपी में बड़ी बेचैनी है। इतनी बेचैनी क्यों हैं? इंडिया कोई 'इंडियन मुजाहिदीन है क्या?' बीजेपी अब सिर्फ वॉशिंग मशीन बन कर रह गई है। उसकी एक ही नीति है- तोड़ो-फोड़ो और राज करो। विकास तो अंग्रेजों ने भी किया था। सीएसएमटी स्टेशन और बीएमसी की इमारतें ब्रिटिशों ने ही बनाईं, लेकिन विकास के साथ स्वतंत्रता चाहिए थी, इसलिए अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन किया। मोदी द्वारा हर साल रक्षाबंधन पर राखी बंधवाने को लेकर टिप्पणी की कि इस बार मणिपुर की पीड़ित महिलाओं से राखी बंधवाओ, बिल्किस बानो से राखी बंधवाओ।
'फडणवीस पर दया आती है'
उद्धव ने देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा, 'कहा जा रहा है कि अब कांग्रेस को तोड़ने की तैयारी हो रही है। कितने और उप मुख्यमंत्री बनाओगे? मुझे देवेंद्र फडणवीस पर दया आती है। फडणवीस अब सिर्फ मस्टर मंत्री बनकर रह जाएंगे। कितनों का बोझ ढोएंगे?
औरंगजेब के मुद्दे पर आक्रामक
उद्धव ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र में औरंगजेब की औलादों को सहन नहीं किया जाएगा? मेरी सरकार थी तब कोई औरंगजेब का मुद्दा नहीं था। अब तो तुम्हारी सरकार है, ढूंढकर निकालो औरंगजेब की औलादों को। लेकिन औरंगजेब की वृत्ति कहीं और नहीं, फडणवीस की पार्टी में ही है। शिवसेना और एनसीपी को तोड़ने वाले ही औरंगजेब हैं।
नवभारत टाइम्स
