स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा है कि भारत की जी20 की अध्यक्षता ने ग्लोबल साउथ की चिंताओं की ओर ध्यान दिलाने के लिए एक विशिष्ट मंच प्रदान किया है। ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक को वर्चुअली संबोधित करते हुए, डॉ मांडविया ने कहा कि भारत को जी-20 की अध्यक्षता मिलने से ग्लोबल साउथ की चुनौतियों को रेखांकित और उजागर किया जा सकेगा और वैश्विक प्रशासन के उच्चतम स्तर पर इनके समाधान का मूल्यवान अवसर मिलेगा। ब्रिक्स के स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक दक्षिण अफ्रीका के डरबन में आयोजित की गई थी।
डॉ. मांडविया ने सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज के एजेंडे को प्राथमिकता देने के लिए दक्षिण अफ्रीका की पहल की सराहना की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दक्षिण अफ्रीका की ब्रिक्स पहल, स्वास्थ्य आपातकालीन प्रबंधन, चिकित्सा उपाय और डिजिटल स्वास्थ्य नवाचार जैसी भारत की जी-20 प्राथमिकताओं के अनुरूप है। ये प्राथमिकताएं सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज हासिल करने और स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में मदद करेंगी।
बैठक में डॉ. मांडविया ने कहा कि भारत एकीकृत प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने की दक्षिण अफ्रीका की पहल का समर्थन करता है क्योंकि इससे भविष्य के स्वास्थ्य संबंधी संकट से निपटने की तैयारी होगी।
डॉ. मांडविया ने परमाणु चिकित्सा में ब्रिक्स सहयोग के लिए रूस की पहल का भी स्वागत किया और परमाणु दवाओं पर एक अंतर्राष्ट्रीय विशेषज्ञ मंच के गठन के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में सहयोग से न केवल ज्ञान साझा करने को बढ़ावा मिलेगा बल्कि ब्रिक्स देशों में तकनीकी प्रगति भी बढ़ेगी।
डॉ. मांडविया ने ब्रिक्स ट्यूबरकुलोसिस रिसर्च नेटवर्क पहल के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि यह पहल 2030 तक टीबी को समाप्त करने के भारत सरकार के प्रयासों को मजबूत करेगी।
