अन्य पिछड़े वर्गों के उप-वर्गीकरण के मूल्यांकन के लिए बनाए गए आयोग ने अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु को सौंप दी है। आयोग को अन्य पिछड़े वर्गों की केन्द्रीय सूची में शामिल विभिन्न प्रविष्टियों का अध्ययन करने और उनमें किसी तरह के दोहराव, अनियमितता, और अन्य किस्म की गलतियों में आवश्यक सुधार की सिफारिश करने की जिम्मेदारी दी गई थी। आयोग को इस बात की भी जांच करनी थी कि अन्य पिछड़े वर्गों में आरक्षण के लाभों का किस सीमा तक समान आधार पर वितरण हो रहा है। इसके अतिरिक्त आयोग को अन्य पिछड़े वर्गों के उप-वर्गीकरण के लिए नियम प्रक्रिया और मानदंड तैयार करने का भी उत्तरदायित्व सौंपा गया था। दिल्ली उच्च न्यायालय की अवकाश प्राप्त मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जी. रोहिणी इस आयोग की अध्यक्ष हैं।
