नई दिल्ली 14 जून । भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्रा ने हरियाणा सरकार की ओर से जीएम फसलों के परीक्षण व खेती के लिए दी गई अनुमति का विरोध किया है।
मिश्रा ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि 17 मई को जी.ई.ए.सी. की 149वीं बैठक संपन्न हुई। उसमें उल्लेख है कि हरियाणा सरकार ने जी.एम. फसल और विशेषकर हर्बीसाइड टोलरेंट फसल को अपने राज्य में परीक्षण के लिए अनुमति दी है। हालांकि इन फसलों के दुष्परिणाम को देखते हुए तेलंगाना-महाराष्ट्र और गुजरात की सरकारों ने अनुमति देने से मना कर दिया।
मिश्र ने कहा कि हरियाणा सरकार के इस निर्णय के खिलाफ भारतीय किसान संघ अपना विरोध प्रकट करता है। इस संबंध में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को भारतीय किसान संघ ने पत्र लिखकर कड़ी आपत्ति भी दर्ज कराई है।
भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय महामंत्री मिश्र ने कहा कि जी.एम. फसल अवैज्ञानिक एवं एक विफल तकनीक है। यह फसल कैंसर पैदा करती है, ऐसा पर्यावरण मंत्रालय भी मानता है। यह फसल जैव-विविधता के लिए बड़ा खतरा है। जी.एम. फसल तकनीक किसान व कृषि क्षेत्र के साथ साथ पर्यावरण को भी नुकसान करने वाली है। जी.एम. फसल राष्ट्र अहितकारी विरोधी तत्वों का हथकंडा है। किसान हितैषी हरियाणा सरकार इस प्रकार की फसलों को कैसे अनुमति दे सकती है? ऐसे में भारतीय किसान संघ मांग करता है कि जी.एम. फसलों के किसी भी प्रकार के परीक्षण या खेती के लिए हरियाणा सरकार द्वारा दी गई अनुमति तत्काल वापस की जाए।’’
