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प्रधानमंत्री मोदी पर बिलावल की अभद्र टिप्पणी पाकिस्तान के घटियापन की चरम सीमा: विदेश मंत्रालय

Date : 17-Dec-2022

 बयान के खिलाफ पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन भी किया

नई दिल्ली, 16 दिसंबर (हि.स.)। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ की गई ‘अभद्र’ टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह पड़ोसी देश के घटियापन की चरम सीमा है। मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के दबाव से परेशान पाकिस्तान अपनी भड़ास निकाल रहा है। पाकिस्तान अब आतंकवादियों और छद्म गुटों का उपयोग नहीं कर पा रहा है।

विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल को 1971 के बांग्लादेश मुक्ति अभियान की याद दिलाई। इस लड़ाई में भारतीय सेना ने मुक्ति वाहिनी के साथ मिलकर आज ही के दिन 16 दिसंबर को पाकिस्तानी हुकूमत का खात्मा किया था।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने शुक्रवार को बिलावल की न्यूयार्क में की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि 1971 के बांग्लादेश युद्ध का घटनाक्रम तत्कालीन पूर्वी पाकिस्तान में बंगालियों और और हिंदुओं के नरसंहार का नतीजा था। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से पाकिस्तान का अल्पसंख्यकों के साथ पुराना बर्ताव बदला नहीं है। पाकिस्तान को कोई हक नहीं है कि वे लोकतंत्र की जननी माने जाने वाले भारत के खिलाफ कोई टिप्पणी करें।

उल्लेखनीय है कि बिलावल भुट्टो के बयान के खिलाफ आज दिल्ली में पाकिस्तान उच्चायोग के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन भी किया है। भुट्टो ने संयुक्त राष्ट्र परिषद में गुरुवार को एक प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करते हुए उन्हें ‘गुजरात का कसाई’ की संज्ञा दी थी। विदेश मंत्री एस जयशंकर के बयान से तिलमिलाए बिलावल ने कहा था, “यह एक तथ्य है कि ओसामा बिन लादेन मर चुका है लेकिन गुजरात का कसाई जिंदा है और वह भारत का प्रधानमंत्री है। अमेरिका में ही मोदी के प्रवेश पर पाबंदी थी तथा प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्हें इससे निजात मिली।”

प्रवक्ता ने कहा कि हाल के दिनों में आतंकवाद विरोधी अभियान विश्व एजेंडे में केंद्रीय स्थान पा रहा है। आतंकवादियों को पनाह देने और आर्थिक संसाधन मुहैया कराने के संबंध में पाकिस्तान की स्पष्ट भूमिका पर अंतरराष्ट्रीय बिरादरी की सख्त नजर है। बिलावल भुट्टो की अभद्र भाषा वाली भड़ास से स्पष्ट है कि पड़ोसी देश अब आतंकवादियों और अपने ऐसे गुटों का उपयोग अपने हित में नहीं कर पा रहा है।

प्रवक्ता ने मुंबई, पुलवामा, पठानकोट, न्यूयॉर्क और लंदन आदि में हुई आतंकवादी घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा की यह पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के गवाह बने हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के ‘विशेष आतंकवादी जॉन’ पूरी दुनिया में पाकिस्तान में उपजे आतंकवाद का निर्यात कर रहे हैं। ऐसे आतंकवाद पर रोक जरूरी है।

विदेश मंत्रालय ने आगे कहा कि पाकिस्तान वह देश है, जिसने ओसामा बिन लादेन को शहीद के तौर पर महिमामंडित किया है। साथ ही वह लखवी, हाफिज सईद, मसूद अजहर, साजिद मीर और दाऊद इब्राहिम जैसे आतंकवादियों को पनाह दे रहा है। संयुक्त राष्ट्र की ओर से चिह्नित आतंकवादी और उनके गुट में से 126 आतंकवादी और 27 गुट पाकिस्तान से जुड़े हैं।

प्रवक्ता ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आतंकवाद के मुद्दे पर गुरुवार को हुई चर्चा का भी उल्लेख किया। प्रवक्ता ने बिलावल को सलाह दी कि उन्हें मुंबई आतंकवादी हमले का शिकार रही अस्पताल की नर्स अंजलि कुलठे के बयान पर गौर करना चाहिए। अंजलि ने पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल कसाब की गोलियों की परवाह ना करते हुए 20 गर्भवती महिलाओं का जीवन बचाया था। प्रवक्ता ने कहा कि जाहिर है कि बिलावल पाकिस्तान की इन करतूतों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं।

विदेश मंत्रालय ने बिलावल को सलाह दी कि वह अपनी हताशा देश में पनप रहे आतंकवादी सरगना के खिलाफ केंद्रित करें। प्रवक्ता ने पाकिस्तान को आतंकवाद का रास्ता छोड़ने की सलाह देते हुए कहा कि जब तक पड़ोसी देश अपनी मानसिकता नहीं बदलेगा, वह दुनिया में अलग-थलग पड़ा रहेगा।


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