बेंगलुरु. कर्नाटक के एएमसी इंजीनियरिंग कॉलेज (AMC Engineering College) के हॉस्टल के टॉयलेट के भीतर एक इंजीनियरिंग छात्र के गला रेत कर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है. मृतक छात्र की पहचान नितिन (19) के रूप में की गई है. नितिन केरल (Kerala) का रहने वाला था और दिसंबर माह की 1 तारीख को ही उसने सीईएस के फर्स्ट ईयर कोर्स में कॉलेज ज्वाइन किया था. यह कॉलेज बंग्लोर-बन्नेरघट्टा मेन रोड पर स्थित है. इस पूरे मामले की जानकारी बेंगलुरु (Bengaluru) के बन्नेरघट्टा पुलिस (Bannerghatta police) की ओर से दी गई है.
जानकारी के मुताबिक नितिन केरल के कोझिकोड जिले में पडिनी ज़ारिया क्षेत्र के पास कोयलांडी गांव का रहने वाला था. बेंगलुरु पुलिस ने बताया कि छात्र के माता-पिता दुबई में रहते हैं. पुलिस को संदेह है कि माता-पिता की ओर से ध्यान न देने के कारण उसने सुसाइड किया है. इस घटना के बाद छात्र के भाई ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
पुलिस ने उसके रूममेट्स और कॉलेज के अन्य छात्रों के बयान दर्ज किए हैं. फिलहाल शुरुआती जांच में सुसाइड करने का पता नहीं चला है लेकिन अभी मामले में जांच की जा रही है. इसके बाद ही सही कारणों का पता चल पाएगा.
आत्महत्या क्यों करते हैं छात्र?
मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने परीक्षणों के दौरान पाया कि जिन लोगों ने आत्महत्या के प्रयास किए उनके मस्तिष्क में एक खास प्रकार का रसायन ग्लूमेट पाया जाता है. ग्लूमेट एक प्रकार का अमीनो एसिड है जो तंत्रिका और कोशिकाओं के बीच संदेश भेजने का काम करता है. इसे डिप्रेशन के लिए जिम्मेदार माना जाता रहा है. जर्नल न्यूरोसायकोफार्मेकोलॉजी के ताजा अंक में प्रकाशित शोध के मुताबिक इस खोज से भविष्य में आत्महत्या की प्रवृति को रोकने में मदद मिलेगी.
