नई दिल्ली: आतंकवाद के आका पाकिस्तान की एक बार फिर इंटरनेशनल बेइज्जती हुई है. भारत ने पाकिस्तान को न केवल जमकर लताड़ लगाई है, बल्कि अमेरिका की 11 साल पुरानी चेतावनी की याद दिलाकर उसे सुधरने की नसीहत दी है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि दुनिया पाकिस्तान को आतंकवाद के ‘केंद्र’ के रूप में देखती है और पाकिस्तान को अपनी हरकतों में सुधार कर एक अच्छा पड़ोसी बनने की कोशिश करनी चाहिए. विदेश मंत्री जयशंकर ने अमेरिकी नेता हिलेरी क्लिंटन के पाकिस्तान पर दिए सालों पुराने बयान को भी दोहराया, जिसमें उन्होंने कहा था कि जो लोग अपने आंगन में सांप पालते हैं, वह एक दिन उसे ही काट खाता है. 11 साल पहले अमेरिका की उस वक्त की विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंट ने पाकिस्तान के घर में जाकर उसकी बेइज्जती की थी.
भारत की अध्यक्षता में आयोजित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कार्यक्रम ‘ग्लोबल काउंटर टेररिज्म अप्रोच: चैलेंज एंड वे फॉरवर्ड’ के बाद जयशंकर ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान पाकिस्तान पर चुन-चुनकर हमला बोला और कहा कि दुनिया आज उन्हें (पाकिस्तान को) आतंकवाद के केंद्र की तरह देखती है. मुझे पता है कि हम ढाई साल से कोविड-19 (वैश्विक महामारी) से जूझ रहे हैं और इस कारण यादें थोड़ी धुंधली हो गई हैं, लेकिन मैं आपको आश्वासन दिलाता हूं कि दुनिया यह नहीं भूली है कि आतंकवाद शुरू कहां से होता है और क्षेत्र में तथा क्षेत्र के बाहर तमाम गतिविधियों पर किसकी छाप नजर आती है.
भारत ने पाक को जमकर फटकारा
दरअसल, भाररतीय विदेश मंत्री जयशंकर पाकिस्तान की विदेश राज्य मंत्री हिना रब्बानी खार के हालिया आरोप पर पूछे गए के एक सवाल का जवाब दे रहे थे. हिना रब्बानी खार ने आरोप लगाया था कि आतंकवाद का इस्तेमाल भारत से बेहतर अन्य किसी देश ने नहीं किया है. इस बयान पर पलटवार करते हुए जयशंकर ने कहा, ‘खार ने जो कहा है, मैंने उससे जुड़ी खबरें देखी हैं. जहां तक मुझे याद है, करीब एक दशक से भी पहले जब हिलेरी क्लिंटन ने पाकिस्तान की यात्रा की थी. हिना रब्बानी तब मंत्री थीं. उनके साथ खड़े होकर हिलेरी क्लिंटन ने कहा था कि यदि सांप आपके आंगन में है तो आप उससे यह उम्मीद नहीं कर सकते कि वह केवल आपके पड़ोसी को ही काटेगा. अंतत: वह उसे आंगन में रखने वाले लोगों को भी काटेगा, लेकिन जैसा कि आपको पता है पाकिस्तान अच्छी सलाह जल्दी से नहीं मानता। आपको पता ही है कि वहां क्या हो रहा है.’
