नई दिल्ली, 15 दिसंबर (हि.स.)। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने गुरुवार को कहा कि पिछले आठ साल में एमबीबीएस की सीटों की संख्या में 87 प्रतिशत और स्नातकोत्तर (पीजी) की सीटों में 105 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
संसद के बाहर पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंडाविया ने इस बात पर जोर दिया कि 2014 के बाद से देश में युवा पीढ़ी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच को आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि जब से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की सरकार बनी है, शिक्षा के क्षेत्र में बहुत बड़ा बदलाव हुआ है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की सभी राज्य और सभी वर्गों में बहुत सराहना हो रही है। कोविड के दौरान भी शिक्षा रुके नहीं इसके लिए भी कई पहल की गयी। दीक्षा पोर्टल से कोई भी बुक क्यूआर कोड के आधार पर आप पढ़ सकते हो। स्वयं प्रभा टीवी चैनल की शुरुआत की गयी ताकि पहली से 12वीं तक के छात्रों को टीवी के माध्यम से शिक्षा मिले।
लड़कियों के बीच में पढ़ाई छोड़ने की संख्या में गिरावट का उल्लेख करते हुए कहा कि ढाई लाख स्कूलों में 4.5 लाख से अधिक शौचलाय बनाएं गए। जिससे बेटियों में ड्राप आउट अनुपात 17 प्रतिशत से कम होकर 13 प्रतिशत हो गया है।
मेडिकल शिक्षा को लेकर मंडाविया ने कहा कि जब मोदी प्रधानमंत्री बनें तब देश में मेडिकल की 31,000 पीजी सीट थी, जो अब बढ़कर 63,000 हो गयी हैं। यानी की 105 प्रतिशत बढ़ोतरी पिछले 8 वर्षों में हुई है।
शासन के तहत की गई कई पहलों के प्रभाव को रेखांकित किया और कहा, परिवर्तन देश के हर नुक्कड़ पर देखा जा सकता है। इस गति और हितधारकों के बीच समन्वय के साथ, देश में शिक्षा का एक समग्र पारिस्थितिकी तंत्र बनाया जाएगा।
चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में बदलाव पर प्रकाश डालते हुए, मंडाविया ने कहा कि 2014 में भारत में सीमित संख्या में 387 मेडिकल कॉलेज थे, लेकिन सिस्टम बहुत अधिक समस्याओं से भरा हुआ था। मोदी सरकार के तहत इनपुट-आधारित से परिणाम-आधारित दृष्टिकोण और सुधारों के लिए एक आदर्श बदलाव है। नतीजतन, अब हमारे पास 2022 में 648 मेडिकल कॉलेज हैं, अकेले सरकारी मेडिकल कॉलेजों (जीएमसी) की संख्या में 96 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। और 2014 के बाद से निजी क्षेत्र में 42 फीसदी की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि सभी को शिक्षा के लिए अवसर मिले उसके लिए मोदी सरकार ने प्रयास किया है और उसकी देशभर में सराहना हो रही है।
