जैसलमेर, 15 दिसंबर (हि.स.)। क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़े तथा भारत पाकिस्तान सीमा पर स्थित सीमावर्ती जिले जैसलमेर में सीमा सुरक्षा बल द्वारा सम के मखमली धोरों पर बॉर्डर टूरिज्म को विकसित करने तथा आने वाले पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों के लिए मिनी बॉर्डर के रूप में बीएसएफ पार्क विकसित किया है। प्रारंभिक तैयारियों को मूर्त रूप दे दिया गया है। संभवत: इसी माह के पर्यटन सीजन में पर्यटक सीमा सुरक्षा बल पार्क से रूबरू हो सकेंगे।
सीमा सुरक्षा बल राजस्थान फ्रंटियर के आईजी डेविड लालरिनसांगा ने जैसलमेर पहुंच कर पार्क में की जा रही तैयारियों को जांच परख कर संतुष्टि जताई। स्थानीय निवासियों तथा पर्यटन व्यवसाइयों और पर्यटकों में पार्क को लेकर खासा उत्साह है, जहां पर्यटन व्यवसाई रोजगार के अवसर बढ़ने से खुश है वहीं पर्यटकों को भी नया स्पॉट देखने को मिलेगा। पार्क में सैलानियों की संख्या बढ़ाने को लेकर भी बीएसएफ द्वारा खास प्रयास किये जा रहे है । बीएसएफ के इस पार्क में कोई टिकट नहीं हैं। बीएसएफ के जवानों की शौर्य गाथा व अंतरराष्ट्रीय भारत-पाक सीमा की जीरो लाइन बॉर्डर को देखने की फीलिंग तथा सीमा प्रहरियों की ड्यूटी तथा दिनचर्या से हर कोई वाकिफ होना चाहता है। लोगों की यह चाहत अब सम के धोरों पर बीएसएफ पार्क में पूरी होगी।
विश्व विख्यात पर्यटन नगरी जैसलमेर में देशी पर्यटकों को केवल पर्यटन के उद्देश्य से तनोट एवं बबलियान बॉर्डर घूमने का मौका मिलता था लेकिन एक नया बॉर्डर बीएसएफ पार्क के नाम से टूरिज्म पॉइंट सम क्षेत्र में खुलना टूरिस्ट व पर्यटन व्यवसाय के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। क्योंकि हर साल मखमली रेतीले धोरों का आनंद लेने के लिए लाखों पर्यटक आते हैं। जो भी जैसलमेर आता है, वो भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा देखने का मन बना लेता है और सैलानियों को आकर्षित करने व बॉर्डर देखना आसान बनाने के लिए बीएसएफ ने इस पार्क का निर्माण करवाया है। पार्क में बीएसएफ के वीर जवानों की युद्ध गाथाओं को प्रदर्शित किया गया है। युद्ध में काम आने वाली व सीमा पर निगरानी करने वाली सभी ऐतिहासिक वस्तुओं को यहां रखा गया है। पार्क में पर्यटकों को युद्ध के दौरान और अन्य समय में बीएसएफ की गतिविधियों से अवगत कराया जाएगा। सीमा की रखवाली के दौरान इस्तेमाल होने वाले उपकरण, हथियारों और अन्य संसाधनों को रखा गया है ताकि लोगों को बीएसएफ के बारे में सही जानकारी मिल सके।
इसके अतिरिक्त सीमा पिलर व फेंसिंग आदि का मॉडल भी बनाया गया है और बीएसएफ अपनी ड्यूटी कैसे करती है और रात दिन को पेट्रोलिंग कैसे करती है, रात में बॉर्डर कैसे दिखता है तथा कैमल पेट्रोलिंग, जीप पेट्रोलिंग और खुर्रा चेकिंग कैसे होती है, ये माडलों के जरिये दिखाने के साथ साथ यह अनोखा स्मारक आम जनता तथा युवाओं को बीएसएफ में शामिल होने के लिए प्रेरित करेगा। यहां कैफेटेरिया चिल्ड्रन पार्क में बच्चों के मनोरंजन के लिए कई प्रकार की व्यवस्था भी की गई है। बीएसएफ पार्क में एक निगरानी टावर भी बनाया गया है, पर्यटक उस टावर पर चढ़कर बॉर्डर के साथ आसपास का नजारा देख सकेंगे। पर्यटकों के लिए एक शूटिंग राइफल रेंज सेंटर भी बनाया गया है, जिसमें पर्यटक शूटिंग फायर कर सकते हैं।
