नई दिल्ली, 04 अक्टूबर। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच कृष्णा नदी के जल बंटवारे को लेकर कृष्णा जल विवाद न्यायाधिकरण- दो अब विचार करेगा। केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने न्यायाधिकरण के लिए आगे इससे जुड़े विचारार्थ विषय को मंजूरी प्रदान की है।
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में उक्त आशय के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की। केन्द्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि 1972 में संयुक्त आंध्र प्रदेश को न्यायाधीकरण से कृष्णा नदी का 811 हजार मिलियन घन फीट (टीएमसी) जल आवंटित किया गया था। दोनों राज्यों के अलग होने पर इससे जुड़े विवाद के समाधान के लिए केन्द्र से अपील की गई थी। इस विवाद के समाधान से दोनों राज्यों में विकास के नए रास्ते खुलेंगे।
