मुंबई, 24 जनवरी। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राऊत ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार मामले को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने शनिवार को कहा कि अजित पवार की फिर से जांच की किस मुंह से की जाएगी। भाजपा ने उनको सत्ता में लाते समय क्लीन चिट दी थी तो अब फाइल फिर से खोलने की धमकी देने का कोई नैतिक अधिकार भाजपा को नहीं है।
राऊत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद अजित पवार का सरकार में स्वागत किया था। उस समय उन पर लगे सारे आरोप बेकार थे। अब राजनीतिक ज़रूरत बदल गई है, लोग कह रहे हैं ‘चलो फाइल खोलते हैं’। उन फाइलों में असल में क्या है, या सिर्फ डराकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है? राऊत ने जांच एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सत्ता हासिल करने और बनाए रखने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। जो भाजपा के साथ जाते हैं वे बेगुनाह हैं, जो उनके खिलाफ रहते हैं उन पर कार्रवाई होगी, यही आज का फॉर्मूला बन गया है।
राऊत ने छगन भुजबल केस का भी ज़िक्र किया और जांच एजेंसियों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने मांग कि की भुजबल ढाई साल तक जेल में रहे। हालांकि उनके सभी केस में ईडी और दूसरी एजेंसियों ने उन्हें बेगुनाह बताया। एसे में राज्य के गृह विभाग और ईडी को इसका पछतावा करना चाहिए और लोगों से माफी मांगनी चाहिए।
