'एनआईपीईआर' फार्मा क्षेत्र में ज्ञान, शिक्षा, अनुसंधान और व्यापार को जोड़ने के लिए एक सेतु की भूमिका अदा कर रहा हैः अमित शाह | The Voice TV

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'एनआईपीईआर' फार्मा क्षेत्र में ज्ञान, शिक्षा, अनुसंधान और व्यापार को जोड़ने के लिए एक सेतु की भूमिका अदा कर रहा हैः अमित शाह

Date : 30-Sep-2023

 मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मांडविया की उपस्थिति

गांधीनगर, 30 सितंबर (हि.स.)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को गांधीनगर के निकट पालज गांव में ‘राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईपीईआर)-अहमदाबाद’ के स्थायी परिसर का उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मांडविया उपस्थित रहे।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि एनआईपीईआर ज्ञान, शिक्षा, अनुसंधान और व्यापार को जोड़ने के लिए एक सेतु की भूमिका निभा रहा है। एनआईपीईआर के माध्यम से फार्मास्युटिकल क्षेत्र के विकास की ईंट रखी गई है। शाह ने अपने संसदीय क्षेत्र में एनआईपीईआर के स्थायी परिसर के निर्माण पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह भवन गांधीनगर में 60 एकड़ भूमि में कार्यरत हुआ है, जिसमें सात एकड़ क्षेत्र में विभिन्न आठ भवनों का निर्माण किया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने यह विश्वास जताया कि गांधीनगर में कार्यरत एनआईपीईआर सेंटर आगामी दिनों में देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में औषधि के क्षेत्र में अपना बड़ा योगदान देगा। इस सेंटर में रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान जैसे अनेक विषयों के भवनों का निर्माण होगा। अभी संस्थान में लगभग 500 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। पिछले तीन वर्षों से गांधीनगर एनआईपीईआर देश के शीर्ष 10 संस्थानों में शामिल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अत्याधुनिक भवन की सुविधा मिलने के बाद एनआईपीईआर-गांधीनगर देश का शीर्ष संस्थान बनेगा। उन्होंने कहा कि गांधीनगर की भूमि विद्या अध्ययन के वायुमंडल वाली भूमि है। गांधीनगर के आसपास राष्ट्रीय स्तर की अनेक यूनिवर्सिटियां कार्यरत हैं। एनआईपीईआर के यहां कार्यरत होने से इस वायुमंडल को एक नई ऊर्जा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस संस्थान का लक्ष्य औषधि क्षेत्र में शिक्षा ही नहीं बल्कि अनुसंधान के क्षेत्र में भी दुनिया का अग्रणी बनना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि फार्मेसी एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें शिक्षा न केवल व्यक्ति के लिए फायदेमंद है बल्कि मानव जीवन को स्वस्थ और सुंदर बनाने के लिए भी उपयोगी साबित होती है। इसलिए ही यहां जो विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं उनका करियर तो जीवन में अच्छे अवसरों की प्राप्ति के साथ बेहतर होगा ही, साथ ही वे अपने अध्ययन से करोड़ों नागरिकों के लिए प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से उपयोगी भी साबित होंगे। 

शाह ने कहा कि भारत में मोहाली और गुवाहाटी में एनआईपीईआर पूर्ण रूप से अपने भवन में कार्यरत है और आज से गांधीनगर में तीसरा भवन भी शुरू हो गया है। कोलकाता, हाजीपुर, हैदराबाद और रायपुर में एनआईपीईआर के भवन निर्माण का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि 8 हजार विद्यार्थी एनआईपीईआर से अपनी पढ़ाई पूरी कर प्रोफेशनल क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल कर चुके हैं और 300 से अधिक पेटेंट के रजिस्ट्रेशन का सम्मान भी एनआईपीईआर को मिला है। वहीं, संस्थान की ओर से 7,000 से अधिक रिसर्च पेपर प्रकाशित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि एनआईपीईआर के पास ज्ञान को व्यापार के साथ जोड़ने का कौशल है। भारत सरकार ने सक्रिय फार्मास्युटिकल सामग्री (एपीआई) और महत्वपूर्ण प्रारंभिक सामग्री (केएसएम) के लिए होलिस्टिक एप्रोच के साथ अच्छी नीति अपनाई है। अगले दस वर्षों में भारत एपीआई और केएसएम के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। उन्होंने कहा कि NIPER द्वारा अनुसंधान क्षेत्र का पोर्टल शुरू किया गया है, जो रिसर्च करने वाले लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री जन औषधी योजना देश के करोड़ों गरीब लोगों के लिए वरदान बन गई है। उन्होंने इस योजना के सफल बनाने के लिए फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज के मालिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि देश भर में 10 हजार जन औषधि केंद्रों पर 50 से 90 फीसदी तक कम रियायती दरों पर गरीब परिवारों को दवाइयां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के एक विचार के जरिए पिछले 9 वर्षों में दवाइयों की खरीदी में देश के गरीब परिवारों के 30 हजार करोड़ रुपयों की बचत हुई है। वहीं सिर्फ़ वर्ष 2022-23 की बात करें तो इसमें 7500 करोड़ रुपए की बचत हुई है। सरकार ने उत्पादन-संबद्ध प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के माध्यम से फार्मास्युटिकल क्षेत्र की 48 छोटी-बड़ी कंपनियों को 4 हजार करोड़ रुपए के निवेश की मंजूरी दी है। सरकार ने तीन फार्मा पार्क बनाने की दिशा में सुचारु आयोजन किया है। इसी तरह, मेडिकल डिवाइस के क्षेत्र में भी देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए नेशनल मेडिकल डिवाइस पॉलिसी 2023 जारी की गई है। अंत में केंद्रीय मंत्री श्री अमित शाह ने एनआईपीईआर के नए भवन के निर्माण पर सभी को शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने कहा कि केन्द्र की दूरदर्शिता के कारण गुजरात में राष्ट्रीय स्तर के अनेक संस्थानों का विकास हुआ है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि गुजरात में एनआईपीईआर आगामी दिवसों में विश्व में फार्मा क्षेत्र के विकास का मंदिर बनेगा। डॉ. मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत में 7 एनआईपीईआर संस्थाओं की स्थापना की गई है। केन्द्र सरकार ने रिसर्च एंड इनोवेशन के लिए आगामी 4 वर्ष में 35,000 करोड़ रुपए के निवेश का संकल्प किया है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एंड रिसर्च (NIPER) के निदेशक डॉ. शैलेन्द्रजी ने भी अपने वक्तव्य में आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर गांधीनगर दक्षिण के विधायक अल्पेश ठाकोर, गांधीनगर उत्तर की विधायक रीटाबेन पटेल, गांधीनगर के महापौर हितेश मकवाणा, एनआईपीईआर के सदस्य-जायड्स के चेयरमैन पंकज पटेल, टोरेंट समूह के चेयरमैन समीर मेहता, स्वास्थ्य मंत्रालय के उच्चाधिकारी, विभिन्न फार्मा कंपनियों के मालिक, अध्यापक, अनुसंधानकर्ता, आमंत्रित महानुभाव और विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं के विद्यार्थी उपस्थित रहे।


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