नशा, पौर्न वीडियो के साथ कुटुम्ब परंपरा का ह्रास, समाज में संस्कार और संवेदनशीलता का पतन भी कारण
Date : 07-Oct-2024
जिस देश में नारी प्रथम पूज्या रही हो, बच्चियों को देवि स्वरूप मानकर चरण छूने की परंपरा है । उस देश में छोटी छोटी मासूम बच्चियों के साथ बलात्कार और हत्या की बढ़ती घटनाओं ने पूरे समाज को लाँछित कर दिया है । सरकार ने ऐसे अपराधियों को फाँसी की सजा का प्रावधान भी कर दिया फिर भी घटनाएँ रुकने के बजाय बढ़ रहीं हैं । इस विकृति पर मनोवैज्ञानिकों ने जहाँ इसे मानसिक विकृति बताया तो समाज शास्त्रियों ने परिवार परंपरा का विखंडन, संस्कार और समाज की संवेदनहीनता भी कारण मान रहे है ।
एक ओर मनुष्य चाँद को पार करके सूर्य पर पहुँचने का प्रयास कर रहा है, अपनी श्रेष्ठता का डंका पीट रहा है । तो दूसरी ओर छोटी छोटी मासूम बच्चियों के साथ बलात्कार करके हत्याएँ की जा रहीं हैं । भारत भी पीछे नहीं । एक ओर भारत अपने परम वैभव पर पहुँचने की नई अंगड़ाई ले रहा है । तो दूसरी ओर मानवीय चरित्र और समाज जीवन में इतनी गिरावट आ रही है कि छोटी छोटी बच्चियों के अस्तित्व पर रोज नये संकट का समाचार आने लगा है । नन्ही बच्चियों के साथ घटने वाली यह घटनाएँ केवल जघन्य अपराध ही नहीं मानवीय विकृति की पराकाष्ठा है । भारत में अठारह वर्ष से कम आयु की बच्चियों के साथ प्रतिदिन औसतन की तीन बलात्कार की घटनाएँ घटतीं हैं। इनमें एक घटना तेरह वर्ष से कम आयु की बच्ची के साथ घटती है । लेकिन अब तो डेढ़ और दो साल की बच्चियों को भी निशाना जाने लगा । लेकिन पिछले तीन महीनों में स्थिति और भयावह हुई है । जुलाई, अगस्त और सितम्बर के इन तीन महीनों में आठ साल से छोटी बच्चियों के साथ पहले बलात्कार की बाईस घटनाएँ घटीं हैं । इनमें पाँच साल, तीन साल, दो साल ही नहीं एक बच्ची तो मात्र डेढ़ साल की थी । कुछ घटनाओं में तो सामूहिक बलात्कार हुआ और कुछ बच्चियों को दुष्कर्म के बाद मार डाला गया । डेढ़ वर्ष की जिस नन्हीं सी बच्ची को दुष्कर्म का शिकार बनाया गया, यह घटना राजस्थान में जोधपुर जिले के बोरानाडा थाना क्षेत्र के अंतर्गत है । इस घटना में दो पड़ौसी युवक आरोपी हैं । दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया । ऐसी घटनाएँ किसी क्षेत्र विशेष में नहीं देश के लगभग हर प्राँत में घटीं हैं। मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, राजस्थान, उत्तरप्रदेश, कर्नाटक, दिल्ली आदि वे प्राँतों हैं जहाँ पाँच वर्ष से छोटी बच्चियों के साथ बलात्कार और हत्याएँ हुईं।