प्रदेश की राजनीति में ‘लाल डायरी’ से हलचल पैदा करने वाले बर्खास्त मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा के जयपुर स्थित सरकारी आवास पर गुरुवार को जोधपुर पुलिस पहुंची। इस बार मामला नाबालिगों से दुष्कर्म से जुड़ा होने से काफी संगीन है। गत दो जुलाई को बीकानेर के दो युवकों को जोधपुर के पीपाड़शहर की दो नाबालिगों का अपहरण करने के साथ दुष्कर्म, एवं पॉक्सो के आरोप में पकड़ा था। प्रथम दृष्टया जांच में सामने आया कि दुष्कर्म की एक घटना संभवत: पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा के ट्रॉमा अस्पताल के पास सी स्कीम जयपुर स्थित सरकारी आवास पर बने शेल्टर हाउस की हो सकती है। जहां पर चार बेड लगे हुए हैं। पुलिस की पड़ताल में गुढ़ा बंगले पर नहीं मिले लेकिन उन्होंने वहां मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की। अग्रिम पड़ताल पुलिस अधीक्षक की मॉनिटरिंग में चल रही है।
ग्रामीण पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह यादव ने पत्रकारों को बताया कि पीपाड़शहर की दो नाबालिग का गत 2 जुलाई को अपहरण किए जाने के बाद एक से दुष्कर्म होने की बात सामने आई थी। जिस पर प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट (पॉक्सो) एवं दुष्कर्म में केस दर्ज हुआ था। पुलिस ने मामले में नाबालिगों के साथ बीकानेर के दो युवकों को पकड़ा। यादव ने स्वीकार किया की अभी कुछ स्पष्ट नहीं है, नाबालिग पुलिस की संरक्षण में अभी है और आरोपित पुलिस हिरासत में है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
जोधपुर ग्रामीण एसपी यादव ने बताया कि पीपाड़ थाने में दो जुलाई को पंद्रह साल की नाबालिग की मां ने किडनैपिंग का मामला दर्ज करवाया था। रिपोर्ट में बताया था कि उसकी सत्रह साल की भांजी कुछ दिन पहले बीकानेर से आई थी। दो जुलाई को उसकी भांजी और बेटी गायब हो गई। रिपोर्ट में बताया गया था घर में रुपये और कुछ गहने थे। दोनों लड़कियां रुपये लेकर चली गई थी। पुलिस ने जांच की और खींवसर (नागौर) रतकुड़िया के टोल नाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। यहां से पुलिस को इनपुट मिला कि नागौर स्टेशन पर यह स्कूटी पर दिखी है। पुलिस वहां पहुंची तो स्टेशन पर स्कूटी मिली। इस पर पुलिस ने दोनों की लोकेशन सर्च की तो अंबाला (पंजाब) में आई। लोकेशन के आधार पर टीम अंबाला पहुंची और गायब दोनों नाबालिग लड़कियों को बरामद किया जाकर 30 जुलाई को आरोपित अशोक कुमार विश्नोई पुत्र ब्रजलाल विश्नोई निवासी मुरलीधर व्यास कालोनी बीकानेर व मेघराज पुत्र सुरजाराम जाट निवासी बगलानगर, तिरूपती स्कूल के पास बीकानेर को गिरफ्तार किया गया था। अनुसंधान के समय दस्तयाब नाबालिग के साथ बलात्कार व पॉस्को एक्ट के तथ्य सामने आने पर पॉक्सो और बलात्कार की धाराओं को मुकदमे में जोडक़र अनुसंधान शुरू किया गया।
दोनों आरोपितों और पीड़िताओं से पूछताछ की तो पता चला कि इन्हें नागौर से जयपुर ले गए थे। जयपुर में बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा के सरकारी आवास में एक शेल्टर होम बना हुआ है। जहां बाहर से आने वाले लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। दोनों आरोपित का कहना था कि दोनों पीड़िताओं को इसी शेल्टर रूप में लेकर आए थे। जैसे ही पूर्व मंत्री गुढा के घर में बने शेल्टर हाउस का जिक्र आया तो पीपाड़ पुलिस गुरुवार को जयपुर पहुंची। यहां उनके घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे को जांचा गया और कर्मचारी से पूछताछ की गई। अनुसंधान में सामने आया कि बंगला नम्बर दो, ट्रोमा सेन्टर अस्पताल के पास सी स्कीम जयपुर के अन्दर पीछे की तरफ बना एक कमरा है, जिसमें चार बेड लगे है। इसी कमरे में आरोपित अशोक कुमार विश्नोई व दो नाबालिग लड़कियां दो रात रुकीं, जहां एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया गया। फिलहाल पूर्ण अनुसंधान होना शेष है। एसपी ग्रामीण यादव ने बताया कि एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। इस बारे में पॉक्सो एवं दुष्कर्म में केस दर्ज हुआ है। जिस समय पुलिस जांच कर रही थी, गुढा वहां मौजूद नहीं थे। जानकारी के अनुसार वे अपने विधानसभा क्षेत्र उदयपुरवाटी में रैली में मौजूद थे। जांच के बाद पुलिस वहां से रवाना हो गई।
इस संबंध में राजेंद्र सिंह गुढ़ा का कहना है कि छह महीने पहले मैंने परिवार के साथ बंगला खाली कर दिया था। मैं वहां जाता रहता हूं। कल भी मैं वहां गया था और प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। मेरी जानकारी के हिसाब से राहुल गांधी और सभी कांग्रेस नेता आरोप लगाते हैं कि केंद्र की सरकार एजेंसियों का दुरूपयोग करती है। लेकिन मैं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत साहब के कहना चाहता हूं कि आप भी अपनी एजेंसियों का दुरुपयोग ना करें।
उल्लेखनीय है कि गुढ़ा ने बुधवार को सरकारी आवास पर ही पत्रकार वार्ता करके चर्चित ‘लाल डायरी’ का कुछ अंश सार्वजनिक किए हैं। इनमें आरसीए चुनाव से संबंधित बातों का उल्लेख है। गुढ़ा ने दावा किया था कि डायरी में राइटिंग आरटीडीसी चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ की है। अगर किसी को इस पर कोई शक है तो इसकी किसी भी एजेंसी से जांच करवा लें। डायरी के जारी किए अंश में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे और वर्तमान आरसीए चेयरमैन वैभव गहलोत, आरसीए के पदाधिकारी भवानी समोता और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पीएस सौभाग्य के भी नाम हैं।