उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति निवास पर मन की बात प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के विजेताओं के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया। केरल में तिरूअंतपुरम के नहेरू युवा केन्द्र संगठन द्वारा ये प्रतियोगिता आयोजित कि गई थी।
विजेताओं को संबोधित करते हुए श्री धनखड ने उन्हें सलाह दी कि वे सदैव भयमुक्त और तनावमुक्त रहें। उनका कहना था कि भय विकास का सबसे बडा शत्रु है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों को स्वप्न साकार करने के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति डिग्री उन्मुखी नही बल्कि कौशल उन्मुखी है। श्री धनखड़ ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति व्यापक स्तर पर विचार विमर्श के बाद बनाई गयी है। उन्होंने कहा कि ये नीति छात्रों को अपनी क्षमता और प्रतिभा को पहचानने में मदद करती है। उपराष्ट्रपति ने छात्रों से कहा कि वे अपने देश की ऐतिहासिक उपलब्धियों पर गौरव करें और वे राष्ट्र को सर्वोपरि रखें।
