रायपुर, 26 जनवरी । छत्तीसगढ़ में 77वां गणतंत्र दिवस पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में राज्यपाल रमेन डेका ने तिरंगा फहरा कर परेड की सलामी ली। इस दौरान आसमान में गुब्बारे छोड़े गए। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस भारतीय लोकतंत्र की महान परंपरा तथा हमारे संवैधानिक मूल्य समृद्ध विश्व विरासत का प्रतीक है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बिलासपुर जिला मुख्यालय में तिरंगा फहरा कर परेड की सलामी ली। मुख्यमंत्री साय प्रदेश के दूसरे मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने बिलासपुर के पुलिस मैदान में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली।
राज्यपाल रमेन डेका ने 77वें गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए कहा कि, यह पवित्र अवसर हमें राष्ट्र की एकता और अखंडता को सहेजते हुए देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने की प्रेरणा देता है। गणतंत्र दिवस भारतीय लोकतंत्र की महान परंपरा तथा हमारे संवैधानिक मूल्य समृद्ध विश्व विरासत का प्रतीक है। हम सबका सौभाग्य की है कि हम विश्व के सबसे बड़े और सबसे सुंदर गणतंत्र में निवास करते हैं।
उन्होंने कहा कि अटल जी ने 2000 में छत्तीसगढ़ का निर्माण किया। हमने 2047 तक विकसित राज्य बनाने का संकल्प लिया है। हम ऐसे लोककल्याणकारी राज्य में रह रहे हैं जहां सामाजिक आर्थिक न्याय के साथ ही अच्छा स्वास्थ्य और पोषण जैसी जरूरत को पूरा किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ इन्हें लागू करने में मॉडल राज्य है। देश के 19 प्रतिशत अधिक आयरन उत्पादन हम करते हैं, 20-20 प्रतिशत सीमेंट, एल्युमिनियम और कोयले का हमारा प्रदेश है। हम देश का पावर हब बनने की ओर अग्रसर है। बरसों तक छत्तीसगढ़ ने माओवादी हिंसा की यातना झेली है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमने माओवाद के विरुद्ध लड़ाई छेड़ी। हमने नक्सलियों के पुनर्वास की नई नीति तैयार की है। दो सालों में ही 2500 से अधिक नक्सलियों ने संविधान पर आस्था व्यक्त की। अब बस्तर के जख्मों को तेजी से भरने का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए हमने ठोस रणनीति तैयार की है। नियाद नेल्ला नार जैसी सुविधा के माध्यम से बुनियादी सुविधा उपलब्ध करवाई है। बस्तर में बंद पड़े अनेक स्कूल को हमने पुनः खोला।महतारी वंदन योजना के माध्यम से 70 लाख महिलाओं को एक हजार रुपये दिया जा रहा है। गणतंत्र दिवस का शुभ दिन राष्ट्र के लिए नया संकल्प लेने का दिन है। इसलिए आइए यह संकल्प ले कि विकसित छत्तीसगढ़ निर्माण में पूरी भागीदारी देंगे।’
हमारी नई औद्योगिक नीति ने प्रदेश में निवेश के लिए नई संभावनाएं पैदा की है , 7 लाख 83 हजार रुपये से अधिक के निवेश का प्रस्ताव राज्य को मिला है। नियद नेल्ला नार योजना का जिक्र करते हुए कहा कि हमने नक्सलियों की पुनर्वास की नई नीति तैयार की है, 2 सालों में 2500 से अधिक नक्सलियों ने समर्पण किया है।
राज्यपाल ने कहा कि भविष्य में जल संकट से निपटना भी हमारी चुनौती है। राज्य सरकार का कई स्तर पर काम कर रही है हम नदियों को जोड़ने के लिए सर्वे प्रारंभ कर रहे हैं। राज्यपाल ने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण आज के समय की अहम समस्या है। माइक्रो प्लास्टिक का प्रदूषण इस सीमा तक पहुंच गया है कि रिसर्च में मां के दूध में भी इसके कण मिले है। राज्यपाल रमेन डेका ने संबोधित करते हुए कहा कि गणतंत्र दिवस का शुभ दिन राष्ट्र के लिए नए संकल्प लेने का भी दिन होता है। आज ये संकल्प लें कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी पूरी भागीदारी देंगे।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी साल 2001 से लेकर 2003 तक गणतंत्र दिवस पर बिलासपुर में ही राष्ट्रीय ध्वज फहराया । वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव बस्तर, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा सरगुजा जिला मुख्यालय में झंडा फहराया। जांजगीर चांपा में मंत्री ओपी चौधरी ने झंडा फहरा कर परेड की सलामी ली।
