प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मध्य प्रदेश में ग्वालियर स्थित सिंधिया स्कूल के 125वें स्थापना दिवस समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने स्कूल में 'बहुउद्देशीय खेल परिसर' की आधारशिला रखी और विशेष उपलब्धि हासिल करने वाले पूर्व छात्रों को स्कूल के वार्षिक पुरस्कार प्रदान किए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति क्षणिक लाभ के बजाय आने वाली पीढ़ियों के कल्याण के लिए काम करता है। श्री मोदी ने कहा कि 2014 में भारत के प्रधानमंत्री का कार्यभार संभालते समय उनके सामने दो विकल्प थे- तत्काल परिणामों के लिए काम करना या दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाना। उन्होंने कहा कि सरकार ने दो से लेकर 20 वर्ष तक की अवधि के लिए विभिन्न समय अविध के साथ काम करने का निर्णय लिया। अब जब सरकार 10 साल पूरे करने के करीब है, तो दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ कई फैसले लिए गए हैं।
प्रधानमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने की छह दशक पुरानी मांग, सेना के पूर्व सैनिकों को एक रैंक एक पेंशन देने की चार दशक पुरानी मांग और तीन तलाक कानून का जिक्र किया। उन्होंने हाल ही में संसद में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम का भी उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि वर्तमान सरकार नहीं होती तो इन लंबित निर्णयों को अगली पीढ़ी के लिए छोड दिया गया होता। उन्होंने कहा कि मौजुदा सरकार युवा पीढी के लिए सकारात्मक माहौल बनाने का प्रयास कर रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा पीढ़ी अगले 25 वर्षों में भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाएगी। श्री मोदी ने कहा, "मुझे युवाओं और उनकी क्षमताओं पर भरोसा है" और विश्वास व्यक्त किया कि युवा, राष्ट्र के संकल्पों को पूरा करेंगे। उन्होंने कहा कि अगले 25 साल छात्रों और देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होंगे।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, नरेंद्र सिंह तोमर और जितेंद्र सिंह भी उपस्थित थे।
