ढाका, 25 जनवरी । बांग्लादेश के बरगुना-2 संसदीय क्षेत्र से जमात-ए-इस्लामी समर्थित एक उम्मीदवार के चुनावी भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद देशभर में तीखी बहस छिड़ गई है। वायरल वीडियो में उन्हें यह कहते सुना जा रहा है कि “80 प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाले बांग्लादेश में किसी गैर-धार्मिक या गैर-मुस्लिम सांसद का होना संभव नहीं है।”यह बयान गुरुवार (22 जनवरी) की रात बांग्लादेश के 13वें राष्ट्रीय संसदीय चुनाव के प्रचार के पहले दिन दिया गया। बरगुना जिले के बामना उपजिला स्थित डौयातला स्कूल मैदान में आयोजित जमात-ए-इस्लामी की एक चुनावी जनसभा में अफजल हुसैन नामक व्यक्ति ने यह टिप्पणी की।
आयोजकों के अनुसार, जनसभा के दौरान ही अफजल हुसैन ने औपचारिक रूप से जमात-ए-इस्लामी में शामिल होने की घोषणा की।अपने भाषण में अफजल हुसैन ने कहा, “संसद में ऊंची आवाज़ में कहा जाएगा कि यह देश मुसलमानों का है। जहां 80 प्रतिशत लोग मुसलमान हैं, वहां किसी गैर-धर्मी या आपत्तिजनक व्यक्ति का संसद सदस्य होना संभव नहीं है, न ही वहां संविधान रह सकता है।” उन्होंने आगे कहा कि देश में शासन व्यवस्था “अल्लाह के क़ुरआन के अनुसार” चलाई जाएगी।इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक महलों के साथ-साथ सामाजिक और ऑनलाइन मंचों पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। विपक्षी दलों और विभिन्न नागरिक संगठनों ने इसे संविधान, लोकतंत्र और अल्पसंख्यक अधिकारों के खिलाफ बताया है।
