रायपुर 25 जनवरी । छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में 23 जनवरी 2026 से पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू हो गई । बिलासपुर रेंज के आईजी संजीव शुक्ला के पदभार संभालने के दूसरे ही दिन शनिवार की देर रात 10 बजे सिविल लाइन स्थित सी-4 भवन के सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में शहर की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग की प्राथमिकताओं को साफ तौर पर रखा।
रायपुर कमिश्नरेट के कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने लॉ एंड ऑर्डर पर सख्ती दिखाई है। उन्होंने चालान के नाम पर वाहन स्वामियों को जबरिया परेशान ना करने की नसीहत अधीनस्थ अधिकारियों को दी है। बैठक में अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर सहित सभी डिप्टी पुलिस कमिश्नर, एडिशनल डीसीपी, असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर और थाना प्रभारी मौजूद रहे।
बैठक में पुलिस कमिश्नर ने अधिकारियों से परिचय लिया और रायपुर कमिश्नरेट की कार्ययोजना साझा की। उन्होंने शहर में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने पर जोर देते हुए विजिबल पुलिसिंग, पैदल पेट्रोलिंग और रात्रि गश्त को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्हाेंने कहा कि आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना तभी मजबूत होगी, जब पुलिस हर इलाके में दिखाई देगी।
कमिश्नर शुक्ला ने चाकूबाजी, नशाखोरी और अड्डेबाजी पर सख्त नियंत्रण के निर्देश दिए। गुंडा और निगरानी बदमाशों पर कड़ी नजर रखने के साथ असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। विशेष रूप से प्रतिबंधित नशे के कारोबार पर जीरो टॉलरेंस अपनाने और पूरे नेटवर्क को तोड़ने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि चाकूबाजी की छोटी से छोटी घटना पर भी कड़ी धाराओं में अपराध दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए। रायपुर कमिश्नरी क्षेत्र में अब रैली, धरना या किसी भी सामूहिक आयोजन के लिए कमिश्नर की अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति आयोजन पर आयोजकों पर कार्रवाई की जाएगी।
इसी तरह से निर्धारित समय के बाद बार, कैफे और रेस्टोरेंट अनिवार्य रूप से बंद कराने का निर्देश अधीनस्थों को दिया है। इसके पश्चात पुलिस कमिश्नर द्वारा सायबर क्राइम के अधिकारियों की बैठक ली। इसमे साइबर अपराधों के शिकार पीड़ितों की तत्काल आवश्यक सहायता करने और मुख्य आरोपियों तक पहुंचने निर्देशित किया गया। रात्रि 10 बजे से यातायात के अधिकारियों की बैठक लेकर शहर की यातायात व्यवस्था को सुरुस्त करने के निर्देश तथा चालानी कार्यवाही के नाम पर अनावश्यक परेशान न करने के निर्देश दिए है।
