नागपुर, 21 सितंबर । राष्ट्र सेविका समिति ने संसद के नए भवन में प्रवेश करने के साथ ही महिलाओं के लिए आरक्षण के ऐतिहासिक विधेयक को पारित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार के प्रति आभार जताया है। राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका शांतक्का ने विश्वास जताया है कि भविष्य में महिलाएं सांसद और विधायक के रूप में अपनी भूमिका का उत्कृष्ट पद्धति से निर्वहन करेंगी।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की महिला शाखा राष्ट्र सेविका समिति महिलाओं को संगठित व सशक्त बनाने के लिए कार्य करती है। राष्ट्र सेविका समिति का संघ की तरह ही पूरा तंत्र व व्यवस्थाएं हैं। सेविका समिति की प्रमुख संचालिका शांतक्का ने अपने संदेश में कहा, ‘‘नए संसद भवन में प्रवेश करते ही नारी शक्तिवंदन अधिनियम 2023 पारित कर भारत सरकार ने जो नया इतिहास रचा है, इसके लिए राष्ट्रीय सेविका समिति माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और उनकी सरकार का हृदय से अभिनंदन करती है। संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को जो सुअवसर प्राप्त हो रहे हैं, यह महिलाओं के लिए गौरव के क्षण हैं। इसलिए हम सभी भारतीय महिलाओं का भी अभिनंदन करते हैं।’’
हांलाकि शांतक्का ने अपने वक्तव्य में आगे कहा है कि आरक्षण प्रत्येक विषय का समाधान नहीं है, फिर भी कुछ समय तक के सक्षमीकरण के लिए उसकी आवश्यकता है। राष्ट्र सेविका समिति को विश्वास है कि आदिशक्ति के अनेक रूप , जिसमें सरस्वती, लक्ष्मी और काली का प्रकटन होता है, उसकी अनुभूति हमें समय समय पर आती है। उसी तरह से भविष्य में महिला सांसद और विधायक के रूप में अपनी भूमिका का उत्कृष्ट प्रदर्शन करेगी। स्वाधीनता के अमृतपर्व पर महिलाओं को यह सुअवसर देने के लिए राष्ट्र सेविका समिति ने एक बार फिर भारत सरकार का अभिनंदन किया।
